सोनभद्र: मंगलवार को मृतक आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मंडल प्रबंधक आशीष कुमार के द्वारा मृतक आश्रित के परिवार को दो लाख का चेक दिया गया। राबर्ट्सगंज के केनरा बैंक परिसर में मंडल प्रबंधक आशीष सिंह और शाखा प्रबंधक के द्वारा परिवारों को चेक दिया।

मंडल प्रबंधक आशीष सिंह ने कहा कि किसी की मृत्यु की भरपाई पैसे से नही की जा सकती। पैसे से परिवार की क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती, लेकिन सरकार से उनके बेसहारा परिवार के आर्थिक स्थिति में सुधार के लिये बीमा योजना चलाया है। जिससे परिवार के मुखिया के न रहने पर परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। इसलिये जो भी खाता धारक हैं। वे बैंक में आकर प्रधानमंत्री ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत बीमा अवश्य करायें।
बैंक ने खाताधारकों का किया बीमा:शाखा प्रबंधक आरिफ अब्बास ने कहा कि हमारे शाखा में सुबिंद्र पाल खाता धारक थे सुबिंद्र पाल का सड़क दुर्घटना होने से मौत हो गई थी। बैंक मित्र ने खाताधारकों का बीमा किया था। उनके मौत के बाद पत्नी को दो लाख का चेक दिया गया है। अत्यंत गरीब परिवार से हैं। इस रुपये से दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगी।सुबिंद्र पाल की पत्नी सुनीता पाल निवासी बहुआर को दो लाख का चेक दिया गया है। खाता धारक ने 436 रुपये सालाना का बीमा कराया था। जिसका लाभ उनके परिवार को मिला है। उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राहक को कोई भी समस्या हो तो शाखा में आकर बात कर सकते हैं।बताया गया कि सुबिंद्र पाल की 9 जनवरी को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जानकारी होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल लाया गया जहां शाखा प्रबंधक ने बताया कि करीब दो वर्ष पूर्व रविन्द्र ने बैंक मित्र शक्ति पाल के माध्यम से मात्र 436 रुपये का प्रीमियम जमा कर प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में बीमा कराया था। मृत्यु के बाद परिजनों ने बैंक से संपर्क किया, जिस पर विभागीय औपचारिकताएं पूर्ण कर आश्रित को बीमा राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर मंडल प्रबंधक आशीष कुमार,क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी अरविंद सुमन, प्रदीप चौहान,सहायक प्रबंधक धर्मवीर सिंह, लोन अधिकारी जितेंद्र यादव, पवन कुमार गुप्ता, विश्वजीत बैंक मित्र शक्ति पाल, संदीप कुमार सहित बैंककर्मी मौजूद रहे।

Mukesh (aka Shaktipal) is a journalist with 10 years of experience in Sonbhadra, known for his ground-level reporting and strong focus on local public issues.
















