कवयित्री चंद्रलेखा सिंह की तृतीय पुस्तक साहित्य दर्शन का हुआ विमोचन
– कई लोगों को अंगवस्त्र, पुस्तक, डायरी व लेखनी देकर किया गया सम्मानित
– सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में हुआ आयोजन
सोनभद्र। शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी, साहित्य दीप संस्थान व दयानंद साहित्य संस्था के तत्वावधान में शनिवार को सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में कवयित्री चंद्रलेखा सिंह की तृतीय पुस्तक साहित्य दर्शन का विमोचन किया गया। साथ ही नव निर्वाचित बार के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव एडवोकेट का सारस्वत अभिनन्दन किया गया। कवयित्री चंद्रलेखा सिंह को भी अंगवस्त्र माल्यार्पण कर साहित्य सर्जना के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा कई मानिंद लोगों को अंगवस्त्र, पुस्तक, डायरी व लेखनी देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता महामहिम राष्ट्रपति से पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी व मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार कथा शिल्पी रामनाथ शिवेन्द्र, पूर्व बार अध्यक्ष चंद्र प्रकाश दिवेदी एड ने शारदे की प्रतिमा पर दीपदान माल्यार्पण कर विधिवत आयोजन का आगाज किया। गीतकार ईश्वर विरागी ने वाणी वंदना कर तथा गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलन में अपनी कविता, थाम लेंगे वक्त को चलने न देंगे ऐ हिंद हम तुझको कभी झुकने न देंगे सुनाकर शुरुआत में ही आयोजन को भव्यता प्रदान किया। प्रयागराज फूलपुर से आये शारिक मखदूम ने अनेक गजल नज्म सुनाये खूब जमे। उनकी गजल,इंसानियत थी जिसमें वो इंसा कहाँ गए। हिन्दू कहाँ गये वो मुसलमां कहाँ गये। खूब सराही गयी।

अहरौरा से पधारे धर्म देव चंचल ने संगीत विधान पर हास्य कविता व पैरोडी सुनाकर लोगों से देर तक तालियां बजवाते रहे। उनकी रचना केहू जरत बा त जरै हमसे का मतलब सराही गयी। चंदौली से पधारे शिवदास कवि ने देश गीत, लहर रहा है गगनांगन में गौरव का अभिमान तिरंगा अमर जै हिंदुस्तान लोगों में जोश भर दी। चकिया से आये प्रकाश मिरजापुरी ने गंभीर रचना,लेखनी उठ लिख नया इतिहास मिटा दे विध्वंस और विनाश से चार चांद लगाये। ओज श्रृंगार की कवयित्री कौशल्या कुमारी चौहान ने,हमारी शान है बेटी हमारी जान है बेटी तथा चंद्रलेखा सिंह ने सत्ता को नसीहत देकर जनहित विपरीत कृत्य पर कटाक्ष किया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल, दिलीप सिंह दीपक,दयानंद दयालू, धर्मेश चौहान, विवेक चतुर्वेदी, सुनिल चौचक, मदन चौबे, आकाशवाणी के सुनील तिवारी ने भी छंद सवैया गीत नव गीत विविध रसों में सुनाकर महफ़िल को रोशन किया।
सोन संगीत फाउंडेशन के सुशील मिश्रा ने सस्वर लोकगीत व देश गीत गाकर गतिज उर्जा दिये।सफल संचालन शायर अशोक तिवारी ने किया। आभार आयोजक प्रदुम्न त्रिपाठी एड शहीद स्थल करारी ने व्यक्त किया। मुख्य अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र ने विमोचित पुस्तक के लिए लेखिका को बधाई देते हुए कविता क्यों कैसी किसलिए विषय पर सारगर्भित वक्तव्य देते हुए अपनी कौमी एकता की कालजयी रचना, हमें रोटियां ही दीजिये बहुत भूख लगी है, दे रहे हैं गीता कुरान किसलिए सुनाकर महफ़िल लूट लिये। अंत में अध्यक्षता करते हुए पूर्व किशोर न्याय बोर्ड सदस्य राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने अपनी कविता सुनाकर जहाँ अभिव्यक्ति को मुखर स्वर दिया वहीँ आशीर्वचनों से सभी को राष्ट्रीय हित में सोचने व सतत देशहित विधि हित मनुजता के लिए कटिबद्ध रहना जरूरी बताया और आयोजन को विराम दिया गया। सभीं कवियों अतिथियों को अंग वस्त्र के साथ माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेश द्विवेदी, राजेश पाठक एडवोकेट, आशीष पाठक, जयशंकर त्रिपाठी, आत्म प्रकाश त्रिपाठी, देवानन्द पांडेय, ठाकुर कुशवाहा, बृज किशोर देव पांडेय, दिनेश दत्त पाठक एड, त्रिपुरारी मिश्रा, गोपाल बंगाली समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
Mukesh (aka Shaktipal) is a journalist with 10 years of experience in Sonbhadra, known for his ground-level reporting and strong focus on local public issues.

















