बच्चे दिल के सच्चे, बच्चों के बयान का वीडियो तेजी से हो रहा है वायरल
शिक्षा मित्र आशा किरण कभी स्कूल नहीं आती
सोनभद्( वेदव्यास सिंह मौर्य)विकास खण्ड नगवां के ग्राम पंचायत मांची के प्राथमिक विद्यालय का एक विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें विद्यालय परिसर में मौजूद बच्चों से वहां के ग्रामीणों द्वारा अध्यापक और शिक्षा मित्र के बारे में पुछा गया जिसमें बच्चों ने बताया कि यहा पर कभी भी अध्यापक समय से नहीं आते और शिक्षा मित्र तो दो चार महिने में एक या दो बार ही आते हैं जिसके चलते आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्र के बच्चों का शिक्षा के प्रति भविष्य खराबा हो रहा इसका जिम्मेदार कौन जब वहां मौजूद ग्रामीणों ने मास्टर से पुछा कि बच्चों को सरकारी मिड डे मील में रोटी या सोमवार को दूध क्यों नहीं दिया जाता तो मास्टर के द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और ना ही बच्चों के अभिभावकों को हस्ताक्षर रजिस्टर ही दिखाया गया अविभावकों का कहना था कि आप हम लोगों को रजिस्टर दिखा दीजिए जिससे यह पता चले की इस विद्यालय पर कितने अध्यापकों की नियुक्ति है और कितने आते हैं सरकार एक तरफ शिक्षा को बढ़ावा देते हुए शिक्षा मित्रों और अनुदेशक के मान देय में बढ़ोतरी कर दिया कि सभी लोग समय से विद्यालय पहुंच कर बच्चों के भविष्य को सवारे लेकिन जमीनी हकिकत कुछ और ही है विकास खण्ड नगवां में जितने भी पहाड़ी इलाकों में विद्यालय है उन सभी विद्यालय पर अध्यापक मनमानी तरीके से आते जाते हैं नाम न छापने की शर्त पर एक विभाग के कर्मचारी ने बताया कि यहां पर कई ऐसे विद्यालय के अध्यापक है जो साल में कभी कभी आते जाते हैं नहीं तो अधिकारीयों के संरक्षण में अपने गृह जनपद में ही समय बिताते हुए वेतन का आनंद उठाते रहते हैं।
सरकार भले ही वेतन में वृद्धि करदे लेकिन शिक्षा के पठन पाठन की गुणवत्ता नहीं सुधरने वाली है सबसे अधिक बदहाल शिक्षा व्यस्था नगवां ब्लॉक के दुरूह पहाड़ी क्षेत्रों का है जहां बच्चों का भविष्य अंधकारमय है शिक्षक आते नहीं है बच्चे पढ़े तो पढ़े कैसे क्या इन शिक्षकों को सरकार के जीरो टार्लेंस नीति का भय नही या शिक्षा विभाग की सह पर शिक्षक कर रहे हैं बच्चों का भविष्य बर्बाद ।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी नगवां से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
जो भी हो इसकी तो जिम्मेदारी और जवाबदेही बेसिक शिक्षा विभाग की है ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र का ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग और लापरवाह शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।वायरल वीडियो के सम्बंध खंड शिक्षा अधिकारी नगवां से जानने का प्रयास किया गया तो उनका फोन नहीं उठा।
Mukesh (aka Shaktipal) is a journalist with 10 years of experience in Sonbhadra, known for his ground-level reporting and strong focus on local public issues.
















