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रेनूकूट वन प्रभाग के बभनी और जरहा में शासनादेश के बगैर अवैध वैरियर वर्षों से चलवाए जा रहे हैं :- वीके मिश्रा

उमेश कुमार , संवाददाता –

बभनी , सोनभद्र –

  • अवैध वन कटान, खनन, अतिक्रमण, और सड़क, पुल निर्माण करने वालों से लाखों रूपए की वसूली जारी।
  • अवैध वसूली के बल पर प्राकृतिक नाले व वनभूमि पर बड़े-बडे़ माल व विल्डिंग निर्माण का कार्य बेखौफ जारी।

बभनी–राहुल प्रियंका गांधी सेना सोनभद्र के जिला अध्यक्ष वीके मिश्रा ने अपने लिखित प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि रेणुकूट वन प्रभाग अंतर्गत लगभग सभी नौ विंढमगंज , बघाड़ू , दुद्धी ,बभनी, जरहा, खड़िया ,अनपरा, शक्तिनगर , पिपरी, वन रेंजो में सुसंगठित तरीके से हर अवैध काम की एक अलग अलग टीम बनाकर खनन,अतिक्रमण, कटान,परिवहन,अवैध वसूली गत दो वर्षों से लगातार जारी है।

इन दो वर्षों में तमाम वन प्रेमियों सामाजिक कार्यकर्ताओं राजनैतिक कार्यकर्ताओं पूर्व मंत्री विधायक वर्तमान विधायक आदि ने समय-समय पर प्रभागीय वनाधिकारी रेणुकूट मुख्य वन संरक्षक मिर्जापुर सहित लखनऊ के तमाम आला अधिकारियों को फोन पर लिखित रूप से और रजिस्टर्ड डाक द्वारा अब तक हजारों शिकायतें की गई और कुछ दर्जन भर जांच शासन प्रशासन द्वारा करवाया भी गया किंतु दुर्भाग्य यह है कि सैया भए कोतवाल हमे डर काहे का।

उदाहरण के तौर पर गत दिनों म्योरपुर वन रेंज में लाखों बेशकीमती पेड़ों की कटाई
करोड़ों की लकड़ियों के फर्नीचर बरामद हुए किंतु खातावरण की जिस बीट में अवैध कटान् की लकड़ियां व फर्निचर्स पकड़ी गई उस बीट की संपूर्ण जांच और कार्यवाही आज तक प्रभावित करने की वजह से सही जांच नहीं हो पाई ।

सबसे आश्चर्यजनक यह है कि जब शासन द्वारा जांच हुई तो जिम्मेदार सिर्फ रेंजर..? प्रभागीय वन अधिकारी रेणुकूट की भूमिका क्या है…? लाखों रुपए की गाड़ी लाखों रुपए का वेतन किस लिए मिलता है ..?
वर्षों से लगातार चाहे वह वन भूमि को विक्रय करने या डीड लीज का उल्लंघन करके प्राकृतिक नालों को बंद कराकर बड़े-बड़े माल भवन बिल्डिंग बनवाने का मामला या फिर बेश कीमती लकड़ियों की लगातार कटाई का प्रकरण हो अतिक्रमण का प्रकरण हो या फिर अवैध बालू व पत्थर खनन परिवहन का मामला हो …? फर्जी वृक्षारोपण का मामला हो..? कैसे चल सकता है…? किसकी शह पर चलता है..? इसके लिए कौन कौन जिम्मेदार हैं.?

 

प्रभागीय वनाधिकारी 24 घंटे अपने सभी वन रेंजर्स की निगरानी करते हैं , यदि यह लोग दूध के धुले हुए हैं तो सवाल यह उठता है की लगातार 2 वर्षों से 24 घंटे अतिक्रमण खनन परिवहन अवैध वसूली सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों से 80-80 हजार रुपए प्रति किलोमीटर की वसूली कैसे हो रही है …?

राहुल प्रियंका गांधी सेना के जिला अध्यक्ष वीके मिश्रा ने एक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि सिसवा झापर का एक किसान जिससे गांव के दर्जनों लोगों व उस गांव के प्रधान के सामने उससे जबरन ₹50000 /- जरहा रेंज के रेंजर व वन दरोगा ने एकमुफ्त रुपये लिया किंतु जब एक महीने बाद शिकायतकर्ता ने मुख्य वनसंरक्षक व प्रभागीय वन अधिकारी रेणुकूट को शपथ पत्र देता है और शिकायत करता है कि मुझे आज तक रसीद नहीं दी गई तब एक महीने बाद उसको एक रसीद बजाय पार्ट पेमेंट दिखाते हुए दो दो रसीदें काट दी गई किंतु पीड़ित को रसीद आज तक नहीं मिली उक्त प्रकरण दोनों अधिकारियों के संज्ञान में है लेकिन आज तक न निलंबित किया गया ना ही कार्यवाही की गई शिकायतकर्ता अब कोर्ट में न्याय की गुहार लगा रहा है।

बताया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल वनमंत्री प्रमुख सचिव वन सहित तमाम आला अधिकारियों के अलावा स्थानीय विधायक सांसद से मिलकर ज्ञापन सौंपते हुए यह मांग करेगा कि हम लोग अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन व आमरण अनशन तथा भूंख हड़ताल प्रस्तावित तिथि से शुरू करेंगे यदि प्रस्तावित तिथि से पहले एसआईटी व विजिलेंस टीम द्वारा जांच और कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाती तो प्रस्तावित आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।

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