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किसान आंदोलन-: कृषि बिल के विरोध में आदिवासी महिला किसानों की हूंकार।

  • वन विभाग की तानाशाही और सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी।

संवाददाता अनिल कुमार अग्रहरि- डाला/सोनभद्र – सोनप्रभात

डाला/सोनभद्र-  ग्राम पंचायत कोटा के पिछड़े क्षेत्र पतगड़ी गांव में आदिवासियों,
महिलाओं और नौजवानों ने उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन और अखिल भारतीय नौजवान सभा के संयुक्त बैनर तले लामबंद होकर सरकार की नीतियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए देश के किसानों के उपर थोपें जा रहे कृषि बिल के विरोध में हूंकार भरा।

 

जहां इस पास के कई टोलों से जुटे आदिवासी, महिलाएं, मजदूरों और नौजवानों गांव में चल रही सरकारी योजनाओं में लूट खसोट और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चा किया और देश की राजधानी में राष्ट्रीय स्तर पर विगत माह से लगातार चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए किसानों के समर्थन में और सरकार की हिटलरशाही नीतियों की आलोचना करते हुए जमकर नारेबाजी की और सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था पर भी चर्चा करते हुए विरोध दर्ज कराया।

पतगड़ी टोले आयोजित महिला किसान जनचौपाल में उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन और अखिल भारतीय नौजवान सभा के पदाधिकारियों के साथ साथ क्षेत्रीय आदिवासी महिलाओं, नौजवानों और मजदूरों ने सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर जमकर हल्ला बोला। और आने वाले दिनों में अपने हक हुकूक के लिए जबरदस्त आंदोलन करने की बात कही। आरोप लगाया कि गांव में राशन कार्ड, मनरेगा कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय आदि जनकल्याणकारी योजनाओं में ब्लाक से लेकर जिला मुख्यालय तक लूट खसोट किया जा रहा है।

आदिवासी और वंचित समाज के लोगों को इसका लाभ नहीं दिया जाता। हर जगह कमिशन खोरी ने अपना पांव पसार रखा है। खनन क्षेत्र में भी मशीनीकरण के चलते इस क्षेत्र के दैनिक व खनन से जुड़े पंरपरागत मजदूरों को अपने दो वक्त की रोटी के दर दर ठोकरें खाने को मजबुर होना पड़ रहा है।
जनचौपाल में मौके पर उपस्थित भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव व उत्तर प्रदेश खेत मजदूर यूनियन के नेता कामरेड आर के शर्मा ने कहा वर्तमान दौर में देश का किसान, नौजवान, मजदूर के साथ हर तबका परेशान है, बढ़ती मंहगाई और बढ़ती बेरोजगारी ने सबको चिंता में ला दिया है। किसान भी अपने कृषि उत्पादन को लेकर परेशान है, जिसका जिता जागता उदाहरण दिल्ली में चल रहा किसान आंदोलन है। जहां कितने किसानों ने अपनी शहादत दे दी। हम उन्हें नमन करते हैं और आने वाले दिनों में कृषि बिल को सरकार वापस करने के लिए आंदोलन के जरिए मजबूर कर दिया जायेगा।

क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर फरवरी माह में वन विभाग और ब्लाक कार्यालय पर जबरदस्त आंदोलन करने की तैयारी का आवाहन भी उपस्थित लोगों से की ।
इस दौरान प्रमुख रूप से राजेंद्र प्रसाद, कन्हैया लाल, प्रेमचंद गुप्ता, सुनील पांडेय, रामधनी अगरिया, लल्लू चेरो, मोहम्मद हनीफ,नसीम खां, मानमती,हिरावती,अतवरिया देवी, मानकुंवर, प्रमीला देवी, सुरसती, कमला प्रसाद, दिनेश्वर वर्मा, नागेंद्र कुमार, जोगेंद्र चंद्रवंशी, अमरनाथ, राम खेलावन गोंड, चंद्रिका प्रसाद खरवार, आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विशेश्वर अगरिया ने तथा संचालन मजदूर नेता कामरेड अमरनाथ सूर्य जी ने किया।

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