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जीडीसीएल द्वारा प्रगति इन्फ्रा को दिए गए कार्य को पूरा करने के बाद भी मजदूरों, सप्लायरों और सुपरवाइजरों का भुगतान वर्षो से बाकी।

  • मजदूर व सप्लायरों के सामने भुखमरी की स्थिति।
  • सुपरवाइजर व इंजीनियर भी भुखमरी के कगार पर।

दुद्धी – सोनभद्र – जितेंद्र चन्द्रवंशी – सोनप्रभात

(दुद्धी)सोनभद्र- भारतवर्ष को विकासशील देश से विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा कई प्रयास किए जा रहे है जिसमे रेलवे का दोहरीकरण का कार्य प्रमुख रूप से है।

देश को एक राज्य से दूसरे राज्य तक आसानी से पहुँच बनाने की दिशा में जनहित में कार्य केन्द्र सरकार द्वारा कराया जा रहा है लेकिन देश के केंद्रीय विभाग रेलवे मंत्रालय द्वारा रेलवे के दोहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिसके लिए लगी कंम्पनिया दुद्धी तहसील के मजदूरों, गिट्टी, बालू व अन्य मशीनों की आपूर्तिकर्त्ताओ के साथ साथ सुपरवाइजरों व यहाँ तक कि इंजीनियर आदि लोगो का भुगतान करोड़ों रुपये बकाया है जिसका भुगतान इस कार्य में लगी कंम्पनिया नही कर रही हैं।

बताते चलें कि दुद्धी तहसील क्षेत्र में रेलवे का दोहरीकरण का कार्य चल रहा है जिसमें कार्यरत संस्था जीडीसीएल द्वारा कार्य कराया जा रहा था लेकिन इसने कई कार्य प्रगति इन्फ्रा लिमिटेड गाजियाबाद को दे दिया गया और मजदूरों, सप्लायरों से कहा गया कि आपलोग प्रगति इन्फ्रा के प्रोजेक्ट मैनेजर व साइट इंचार्ज के निर्देशन में कार्य करें ।मजदूरों, आपूर्तिकर्ता, सुपरवाइजरों द्वारा कार्य किया गया ।एक वर्ष से लोगो का भुगतान नहीं किया जा रहा है ।रेलवे के अधिकारियों द्वारा वार्ता करने के बाद भी केवल आश्वासन ही मिल रहा था कि पैसा मिल जाएगा ।लगभग 2 करोड का बकाया अभी तक है । बीच बीच में प्रगति इन्फ्रा के प्रोजेक्ट मैनेजर भी बदलते रहते थे ।मजदूरों,सप्लायरों के भुगतान के बाबत कई बार आवाज उठाई जाती रही लेकिन आश्वासन ही मिलता रहा और इसी बीच 15 दिन पहले प्रगति इन्फ्रा लिमिटेड कंपनी भाग गई और लोगो का 2 करोड़ का भुगतान बकाया रह गया लोग थक हार कर थाने का चक्कर लगा रहे है ।

जीडीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर व साइट इंचार्ज से वार्ता करने के बाद भी कोई हल नहीं निकल रहा है। ऊपर से जीडीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर व साइट इंचार्ज मुकदमा लिखवाने की धमकी देते है । दुद्धी तहसील के लोग सभ्य,सीधे व कमजोर है इसलिए बाहरी कंम्पनिया आकर ऐसे लोगों का शोषण कर रही हैं और फायदा उठा रही हैं । पुलिस प्रशासन के भय से कोई आगे नही आता है लेकिन यह कब तक चलेगा? क्या मजदूरों, सामान आपूर्तिकर्ताओ, सुपरवाइजरों का लगभग 2 करोड़ का भुगतान नहीं होगा या क्या ऐसे मजदूर ,सप्लायर, सुपरवाइजरअपने परिवार सहित आत्महत्या करने को विवश हो ? बाहरी कंम्पनिया कब तक आकर इस क्षेत्र के लोगो का शोषण करती रहेगी? जनता कब तक बेवकूफ बनी रहेगी? यह इस क्षेत्र के लोगो के लिए यक्ष प्रश्न है,साथ ही इस जिले में कार्यरत जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, का दायित्व है कि अपने जनपद में होने वाले कार्यो के बारे मे जानकारी ले कि कौन कौन सी बाहरी कंम्पनिया आकर कार्य कर रही हैं और जनता का कितना शोषण कर रही हैं ।भाजपा नेता डीसीएफ चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने जिलाधिकारी महोदय से माँग किया है कि इस क्षेत्र के मजदूरों,व सप्लायरों सहित अन्य लोगों का भुगतान कराया जाए जिससे लोग भुखमरी की स्थिति से न गुजरे।

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सोनभद्र जिले से अलग कर "दुद्धी को जिला बनाओ" मांग को लेकर आपकी क्या राय है?

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