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कवि संगोष्ठी–ः कवि समाज की विसंगीतियो को उजागर करता है- राम भुवन द्विवेदी ( प्राचार्य)

विन्ध्यनगर-:  सिंगरौली ( सोनप्रभात)

  • कवि मौज में कविता करता है, यह उसका व्यापार नहीं!!
    हर सत्य को शीश झुकाता है, झूठ से उसको प्यार नहीं!! – सुरेश गुप्त,ग्वालियरी

कल दिनाँक 26-03-2121 को देश की प्रतिष्ठित सहित्यिक।संस्था राष्ट्रीय कवि संगम इकाई सिंगरौली द्वारा विलौन्जी वैढ़न स्थिति सरस्वती उच्चतर विद्यालय के सभागार में एक कवि संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमे जनपद के वरिष्ठ कवियों द्वारा काव्य पाठ किया गया, रंगोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस संगोष्ठी में कवि जनों ने दोहे, मुक्तक, गजल,व्यंग्य, क्षणिकाएं एव माधुर्य रस से ओत अपनी रचनाओँ से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।

माँ सरस्वती के माल्यार्पण एवं पूजन के पश्चात आज के काव्य संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सरस्वती विद्यालय के प्राचार्य श्री राम भुवन द्विवेदी ने आगन्तुक कवि जनो का स्वागत करते हुए इस आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया।  काव्य संगोष्ठी के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि व पत्रकार सुरेश गुप्त “ग्वालियरी” ने आयोजक नारायण दास “विकल ” (जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय कवि संगम ) के द्वारा जनपद में किये जा रहे सहित्यिक प्रचार प्रसार तथा इस तरह के आयोजनों के लिये आभार व्यक्त करते हुए काव्य गोष्ठी के संचालन का भार जनपद के वरिष्ठ काव्य मंच संचालक श्री कमल शुक्ल ” अज्ञान” को सौपा।

संगोष्ठी का आगाज करते हुए जयंत से पधारे वरिष्ठ कवि राम खेलावन मिश्र के सश्वर माँ वाणी वन्दना प्रस्तुत की। तत्पचात आगन्तुक कवियों द्वारा सर्व विधा संपन्न रचनाओँ से माहौल को काव्य मयी बना दिया। कवि सुरेन्द्र शाह द्वारा कान की व्यथा तो के पी सोनी द्वारा मधुर स्वर मे दोहावली मनोहर लाल वर्मा ने आदिवासियों की पीडा व्यक्त की तो वहीँ संजीव पाठक द्वारा गजल की प्रस्तुति ने वाह वाही बटोरी, वरिष्ठ कवि प्रवेँदु चंचल ने वातावरण को गम्भीरता प्रदान की तो हास्य व व्यंग्य के वरिष्ठ रचनाकार एस पी तिवारी ने अपनी रचनाओ से ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया, मधुर स्वर के धनी राम खेलावन मिश्र ने अपने गीतों से वातावरण को रस मय बना दिया , गीत गजल व मुक्तक के धनी एवं आशु कवि नारायण दास “विकल ” ने अपनी माटी से ओत प्रोत रचनाओँ से श्रोताओ को प्रभावित किया।

अमर नाथ दुबे ने अपने प्रस्तुति से खूब तालियाँ बटोरी, अवध जी ने मंच को अपने काव्य से खूब हँसाया, अवधेश नाम देव ने अपनी गम्भीर काव्य रचना से सभी को प्रभावित किया, भाई लाल शर्मा ने भी श्रोताओ की खूब तालियाँ बटोरी ,समापन की ओर बढते हुए काव्य संगोष्ठी को मंच का सफल संचालक श्री कमल शुक्ल “अज्ञान” ने अपने छंदो व मुक्तक से ऊंचाईयां प्रदान की।

आज के काव्य गोष्ठी के अध्यक्ष व वरिष्ठ कवि सुरेश गुप्त” ग्वालियरी ने अपने क्षणिकओं व गम्भीर रचनाओँ के वाचन के पश्चात आज के काव्य संगोष्ठी की समापन की घोषणा की। मुख्य अतिथि प्रधाना चार्य श्री रामभुवन द्विवेदी ने सभी आगन्तुक कवि जनो एव श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा आज मुझे स्वस्थ्य रचनाएँ सुनने को मिली है यहाँ की काव्य प्रतिभा सराहनीय है अति शीघ्र एक वृहद रूप में काव्य सम्मेलन आयोजित करने का प्रयत्न करूंगा। आयोजक मंडल द्वारा सभी कवि जनो का श्री फल व उप हार प्रदान कर परस्पर माथे पर गुलाल लगा कर अविलम्ब फिर मिलने के वादे के साथ सभी ने विदाई ली।

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