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चुनावी रणनीति-: भाजपा ने पंचायत चुनाव से पहले सीट वितरण करने को लेकर किया बड़ा ऐलान।

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  • अपने स्वजन को चुनाव लड़वाने के बजाए आम कार्यकर्ताओं को मौका दें।

सोनप्रभात डिजिटल डेस्क -: आशीष गुप्ता/उमेश कुमार

उत्तर प्रदेश में अप्रैल के अंत तक  पंचायत चुनाव सम्पन्न होने हैं, इसे लेकर विभिन्न पार्टियां अपने स्तर से चुनाव मैदान में कूदने की तैयारियों में लगी है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने पदाधिकारियों के लिए एक नई गाइडलाइन तैयार की है।

  • क्या है गाइडलाइन में ? 

अगर पार्टी के जिलाध्यक्ष या महामंत्री को चुनाव लड़ना है तो उन्हें अपना पद छोड़ना होगा। जिला पंचायत सदस्य पदों पर फोकस करते हुए अपनी रणनीति बना रही भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के चयन के लिए नई गाइडलाइन तय कर दी है।

  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह का निर्देश- (जिलाध्यक्ष और महामंत्री को चुनाव लड़ना है तो त्यागपत्र देकर ही उतर पाएंगे चुनावी रण में) 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह –

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने आईएएनएस को बताया कि पार्टी की प्राथमिकता है,कि पंचायत चुनाव में अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी बनाया जाए। जिलाध्यक्ष और महामंत्री को चुनाव लड़ने से पहले त्याग पत्र देना होगा। भाजपा ने यह शुरूआत में ही तय कर दिया था कि इस पंचायत चुनाव में कार्यकर्ता ही उसकी प्राथमिकता रहेंगे।बीते दिनों हुई भाजपा कार्यकारिणी में भी तय किया गया था कि पदाधिकारी क्षेत्रीय व जिला के प्रमुख पदाधिकारियों को टिकट न देकर कार्यकार्ताओं को ही मैदान में उतारा जाए।

स्वतंत्रदेव ने कहा कि पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए नियुक्त किए संयोजक व सहसंयोजकों पर भी यह शर्त लागू होगी। विधायकों व सांसदों से भी कहा गया है कि अपने स्वजन को चुनाव लड़वाने के बजाए आम कार्यकर्ताओं को मौका दें। इससे स्थानीय स्तर पर सक्षम कार्यकर्ताओं की टीम तैयार होगी और संगठन को ताकत भी मिलेगी।

इससे पहले संगठन के महामंत्री सुनील बंसल बहुत पहले कह चुके हैं, कि पार्टी संगठन का कोई पदाधिकारी किसी चुनाव में टिकट की मांग न करे। संगठन से जुड़े लोग केवल चुनाव लड़ाने का काम करेंगे। पंचायत के चुनाव में कार्यकर्ताओं को ही टिकट दिए जाएंगे। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव के लिए संगठन की मजबूती के लिए कार्य शुरू कर दें।

संगठन मंत्री ने कहा था कि पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता केवल एक ही पद पर रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का कोई भी पदाधिकारी किसी भी प्रकार का कोई टिकट नहीं मांगेगा न ही रिश्तेदार के लिए पैरवी करेगा। इससे पार्टी अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ा सकेगी। उधर पार्टी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रथम और द्वितीय चरण के उम्मीदवारों का चयन करने के लिए जिलों में बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है।

जिलों से आने वाली संभावित उम्मीदवारों की सूची क्षेत्रीय कार्यालय में छंटनी कर प्रदेश मुख्यालय को भेजी जाएगी, जहां से 3051 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी होगी।

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