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आपदा के समय अवैध बालू नगवा तूरा घाट से दिन में ढो रहें खननकर्ता से त्रस्त प्रकृति।

  • 👉ऑक्सीजन के अभाव में लोग मर रहे, वही प्रकृति के सौंदर्य धारा जल -जंगल -नदी रेत को मिटाने पर लगे हैं खननकर्ता
  • 👉 हो रही मौत के जिम्मेदार प्रकृति विरोधी खननकर्ता , जंगल तस्कर कम जिम्मेदार नहीं
  • 👉जहां सरकार द्वारा कर्फ्यू लगा कर लोगों की जान बचाई जा रही है वही दिनदहाड़े दूसरों की जान छोड़िए अपनों की जान की परवाह किए बीना क़ानून ताक रख खनन कर नदियों से बालू चोरी खुलेयाम हों रहा।

दुद्धी – सोनभद्र – जितेंद्र चन्द्रवंशी / सोनप्रभात

दुद्धी सोनभद्र तहसील क्षेत्र के अंतर्गत बालू के लिए हुई साइट नगवा से कुछ ही दूर तूरा घाट पर आपदा के समय तथाकथित खननकर्ताओ द्वारा दिन-रात ट्रैक्टरों से नदियों में जाकर बालू उठान कर बेखोफ बेचा जा रहा है,जिन्हें प्रशासन का न कोई डर है और ना ही वैश्विक महामारी का कोई खौफ जहां लोग अपनों की मैयत में कब्र खोद रहे हैं, सभी रोजी रोजगार चौपट है हम सभी कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता, देश राज्य ,जनपद,नगर ,गाँव की स्थिति बहुत ही डरावनी होगई है और खनन धड़ल्ले से हों रहा।

सूत्रों की माने तो अभी कुछ दिन पहले दो ट्रैक्टरों को बालू डंप करते समय वन अधिकारियों के द्वारा बघाडू रेंज में लाकर खड़ी कराई गई थी लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर कर्मचारी अधिकारियों की व्यस्तता को देखते हुए मामला प्रकाश में नहीं आ पाया और सेटिंग गेटिंग कर ट्रैक्टर को तथाकथित द्वारा साठगांठ कर छुड़वा दिया गया। जिससे इन अवैधखननकर्ताओ में प्रशासन व विभाग के प्रति डरभय समाप्त होगया है। और यह लोग मौके की ताक देखते हुए दुद्धी तहसील के सभी नदियों जो प्रकृति का सौंदर्य शोभा बढ़ा रही है।जैसे धूप में दूर से देखने पर एक दिव्य ज्योति की तरह नदियों में बह रहे निश्छल पानी अपनी ओज सूर्य की किरणों में प्रदर्शित करती हैं,इस दृश्य को देखने पर कितना मन को सुकून मिलता था, उस सकून को समाप्त करने पर आमादा है तथाकथित खनन कर्ता।

इस आपदा काल के समय जहां देश के प्रदेश के शासन प्रशासन के लोग एक दूसरे के जान बचाने में लगे हुए हैं,वही दूसरी तरफ यह खमन कर्ता बेखौफ होकर नदियों जंगलों का अस्तित्व समाप्त कर अपनी समाज में एक धन्ना सेठ के रूप में स्थापित करने में लगे हुए हैं,जहां लोग एक सिलेंडर ऑक्सीजन के लिए तरस रहे हैं वही बची कुची जो भी प्रकृति सौंदर्य के रूप में नदियों से जंगलों से प्राकृतिक सौंदर्य से प्राप्त हो रहा था उसे भी माफिया प्रवृत्ति के लोग प्रकृति को समाप्त करने पर अमादा है सरकार ऐसे लोगों को संज्ञान में लेकर कठोर कार्रवाई करते हुए प्रकृति दोहन करने वाले, लोगों के जीवन से खिलवाड़ करने वालो, के खिलाफ कार्यवाही कर सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए, जिससे कि इस क्षेत्र का प्रकृति का हनन होने से रोका जा सके और सभी की जान बचाने में जीवनदायिनी नदीयो के अस्तित्व को बचाया जा सके, प्रकृति की सुन्दरता को सुरक्षित रखा जा सके पर्यावरण प्रेमियों ने बताया है कि अगर इस वक्त खननकर्ताओं को रोका नहीं गया तो देश में प्रदेश में नगर में गांव में इस समय जो भी ऑक्सीजन को लेकर मौतें हो रही हैं उसकी स्थिति पर विराम नहीं लगाया जा सकेगा, हों रहीं मौत में इन खनन कर्ताओं का उतना ही योगदान होगा जितना कि दूसरों की जान लेने में कोरोना वायरस का है।इसलिए अवैध खननकर्ताओ का संज्ञान लेकर तत्काल इन्हें रोका जाए एवं प्रकृति को बचाया । वरना जीवन बचाने के लिए अंत समय में पैसा भी काम नहीं आएगा।

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