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दुःखद – कर्मकांड के विद्वान, व रामलीला नाट्य मंडली के वरिष्ठ कलाकार पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र नहीं रहे

जितेंद्र चंद्रवंशी -दुद्धी,सोनभद्र(सोनप्रभात)

 

 

 

  • हृदय गति रुकने के कारण लीं अंतिम सांस
  • निः शब्द ऐ मन क्या लिखू दुद्धी के कर्मकांड का आदर्श रूपी दीपक बुझ गया

 

दुद्धी,सोनभद्र-सोमवार रात्रि लगभग 9:30 बजे कर्मकांड के विद्वान पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र का हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया।

हिंदी,संस्कृत और अंग्रेजी के विषयों पर अच्छी खासी उनकी पकड़ थी। दुद्धी का ऐसा शायद ही कोई परिवार हो जो स्वर्गीय पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र के यहां कुंडली या शादी विवाह,अन्य संस्कारों का लग्न मुहूर्त के लिए प्रखर,ज्ञानवान,तर्क की कसौटी पर मजबूती से अपनी बातों को दमदारी से रखने वाले स्वर्गीय पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र के विद्वत्ता के सभी जजमान कायल थे।

आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग उनके विद्वत्ता के आगे शीश झुकाते थे।संकट के समय सब को भवसागर से पार का सरल और सुगम मार्ग दिखलाते थे पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र,साथ ही रामलीला नाट्य मंडली के विभिन्न पात्रों का रंगमंच पर शानदार अभिनय बाल्यकाल से लंबे अरसे तक उन्होंने किया।

कलाकारों को संवाद,रूप साज-सज्जा का शानदार ज्ञान था। बहुमुखी प्रतिभा के धनी पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र विगत कई महीने से सांस संबंधी से बीमारी से परेशान थे।लगभग 84 वर्षीय पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र दुद्धी के वार्ड नंबर 5 डिग्री कॉलेज रोड के पास उनका निवास स्थान है।सादा जीवन उच्च विचार के धाराप्रवाह जिंदगी हंसते खेलते व्यतीत उन्होंने किया, ” निःशब्द ऐ मन क्या लिखू ” दुद्धी के पावन धरा के कर्मकांड के क्षेत्र के आदर्श हम सभी के बीच नहीं रहेेे।

 

उनके मृत्यु की खबर सुनकर रामलीला नाट्य मंडली के मैनेजर कमलेश कुमार कमल,व मण्डली के सभी कलाकार सहित व्यासपीठ के पंडित प्रेम चंद्र मिश्र,देवेंद्र मिश्रा,प्रदीप कुमार कानू ,विनयक कुमार अग्रहरि,पवन सिंह,रामलीला कमेटी जय बजरंग अखाड़ा समिति के सभी पदाधिकारियों ने स्वर्गीय पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र के निधन को अपूर्णीय क्षति समाज का बताया।स्वतंत्र पत्रकार समिति दुद्धी के अध्यक्ष जितेन्द्र चंद्रवंशी संरक्षक उपेंद्र तिवारी समेत कमेटी ने सभी पदाधिकारी ने पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।फैमिली चिकित्सक डॉ हर्षवर्धन प्रजापति जो निशुल्क लंबे समय तक चिकित्सकीय सेवा दीया उन्होंने गुरु जी के निधन पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।पंचतत्व का यह नश्वर शरीर कनहर,ठेमा नदी के संगम तट पर,क्षिति,जल,पावक,गगन,समीरा के साक्षी में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पंचतत्व में विलीन होगा।ईश्वर प्रभु चरणों में स्वर्गीय पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र को स्थान दें।फिर नया शरीर धारण कर कई पीढ़ियों को अपने स्नेह से अभीसिंचित जजमानों को सदा करें l

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