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प्रदेश सरकार समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को हर संभव राहत और मदद उपलब्ध कराने हेतु कृत संकल्पित- प्रभारी मंत्री डॉ शतीस चन्द्र द्विवेदी

जितेंद्र चंद्रवंशी -दुद्धी,सोनभद्र(सोनप्रभात)

 

 

 

  • 👉अंत्योदय एवं पात्र गृहस्थी के प्रतिमाह खाद्यान्न से 15 करोड़ जनसंख्या होंगी लाभान्वित
  • 👉 जीवकोपार्जन करने वाले खोमचा, ठेला,खोखा, रेहड़ी,लगाने वाले सहित तिहाड़ी मजदूरों ,ई रिक्शा चालकों, पल्लेदारों , धोबी, नाई,मोची, हलवाईयों आदि को मिलेगा एक माह ₹1000
  • 👉सभी शिक्षण संस्थाओं मे 20 मई से ऑनलाइन क्लास प्रारंभ है
  •  👉महामारी आपदा कोष से सरकार आर्थिक बदहाली की मार झेल रहे, प्रिंट मीडिया,इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,न्यूज़ पोर्टल के पत्रकारों को आर्थिक पैकेज प्रदान करे सरकार

 

 

 

सोनभद्र-प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने आज सर्किट हाउस में प्रेस-वार्ता करते हुए कोरोना संक्रमण काल में कोरोना योद्धा के रूप में मीडिया की योगदान की प्रशंसा करते हुए केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में मदद करने की अपील की।

 

 

प्रभारी मंत्री ने मीडिया के पदाधिकारियों को कोरोना योद्धा बताते हुए कोरोना काल में वास्तव में जिस प्रकार से चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ जिला प्रशासन के लोगों में जोखिम का परवाह किये बिना अपनी कड़ी मेहनत का परिचय देकर कोरोना संक्रमण को रोकने का कार्य किया है, उसमें मीडिया के पदाधिकारियों ने भी जोखिमता के साथ अपनी ड्यूटी को निभाकर कोरोना संक्रमण से बचाव सम्बन्धी किये गये व्यवस्थाओं को काफी प्रचारित व प्रसारित किया है।

प्रेस-वार्ता में जानकारी देते हुए राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बेसिक शिक्षा विभाग व जिले के प्रभारी मंत्री डॉ0 सतीश चन्द्र द्विवेदी ने बताया कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी श्रेणी के राशनकार्ड धारकों को तीन माह के लिए प्रतिमाह प्रति यूनिट 3 किलो गेंहूँ तथा 2 किलो चावल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, इससे प्रदेश की प्रतिमाह लगभग 15 करोड़ जनसंख्या लाभान्वित होगी। शहरी क्षेत्रों में दैनिक रूप से कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदारों, दिहाड़ी, मजदूरों, रिक्शा/ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार सहित नाविकों, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे परम्परागत कामगारों को एक माह के लिए 1000 रूपये का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किऐ जाने के निर्देश, इससे लगभग एक करोड़ गरीबों को राहत मिलेगी। प्रदेश के सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए 2 योजनाएं संचालित हैं। दुर्घटना में दुर्भाग्यवश किसी श्रमिक की मृत्यु अथवा दिव्यांगता हो जाने पर 2 लाख रूपये के सुरक्षा बीमा कवर तथा 5 लाख रूपये तक के स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था इन योजनाओं के माध्यम से की गयी। सभी शिक्षण संस्थाओं में 20 मई से ऑनलाइन क्लास का संचालन प्रारम्भ किए जा चुके हैं। मीडिया को भी सरकार द्वारा महामारी आपदा कोष से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया एवं न्यूज़ पोर्टल संवाददाताओं को भी अखबार सरकुलेशन से लेकर सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं के बंद होने के कारण विज्ञापन आदि का कार्य शुन्य हो गया है, हम बावजूद शासन -प्रशासन,सरकार की बातों को जान जोखिम में डालकर वैश्विक महामारी में कवरेज करने का जोखिम भरा कार्य कर रहे हैं, कई पत्रकार साथियों की समाचार संकलन में मौत भी हो चुकी है ,इस लिए विषम परिस्थिति से जूझने वाले सभी पत्रकारों को सरकार द्वारा आर्थिक लाभ प्रदान कराया जाना न्याय संगत होगा l

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