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सोनभद्र में औद्योगिक कल कारखानों के प्रदूषण के कारण, प्रकृति का बदल रहा स्वरूप – शुभा बहन

जितेंद्र चंद्रवंशी -दुद्धी,सोनभद्र(सोनप्रभात)

 

 

 

  • भौतिक सुखों का भोग करने के लिए प्रकृति का दोहन घातक

दुद्धी,सोनभद्र-विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण प्रेमियों का डॉ राजेंद्र प्रसाद पुस्तकालय भवन में विचार एवं गोष्ठी का आयोजन में मुख्य वक्ता बनवासी सेवा आश्रम गोविंदपुर की महामंत्री शुभा बहन ने कहा कि विश्व पर्यावरण के मौके पर हम सभी को मानव और प्रकृति के बीच के संबंधों को गहराई से समझना होगा, महज पेड़ लगाने से पर्यावरण संरक्षित नहीं होता, सामाजिक पर्यावरण भौतिक सुख साधनों का भोग करने वाली प्रवृत्ति मानव प्राणी को त्याग कर प्रकृति के बीच के संतुलन को बनाना होगा, औद्योगिक कल कारखानों के बारीक कण रसोई घरों के अंदर प्रवेश कर रहे हैं, भविष्य में अमवार कनहर परियोजना में पन बिजली पैदा कर स्थिति और भी बिगड़ ने की प्रबल संभावना दिख रही है, जिसे समझना होगा, दहेज प्रथा संस्कार मानकर परिवार के लोग सामाजिक पर्यावरण का संकट खड़ा कर रहे, व्यक्तियों को कम लागत का विवाह, जन्मोत्सव पार्टी आदि अनर्गल भौतिक खर्चों को सादगी पूर्ण जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए भौतिक और विलासिता पूर्ण जीवन त्यागना होगा, आवश्यकता अनुसार अलग-अलग राज्यों में विद्युत उत्पादन कर जनपद सोनभद्र के बढ़ते प्रदूषण को रोका जा सकता है, सोनभद्र पर विद्युत निर्भरता प्रकृति के लिए घातक है।

एनजीटी पर जनहित याचिकाकर्ता जगत नारायण विश्वकर्मा ने कहा कि भारत का सबसे प्रदूषित जिला जनपद सोनभद्र है।

जल प्रदूषण से तो हमारा शरीर लड़ने की क्षमता रखता है परंतु वायुमंडल में चिमनिया से उड़ते राख और कोयले के छोटे-छोटे कण फेफड़े को खराब कर मानव की आयु कम कर रही है, नगर पंचायत अध्यक्ष राज कुमार अग्रहरी नें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए बनवासी सेवा आश्रम के कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा किया। क्रय विक्रय समिति के अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद राय ने कहा कि कार्य योजना बनाकर सबको प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा, पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने कहा कि पहाड़ों का संरक्षण वृक्षारोपण कर किया जाए और जीपीएस नक्शे से संबंध कर वाचर लगाकर पहाड़ों की रक्षा की जाए, बनवासी सेवा आश्रम के पर्यावरण वाहिनी द्वारा जगह-जगह नुक्कड़ नाटक करा कर संदेश संरक्षण का दिया जाए, पर्यावरण चिंतक कमलेश मोहन ने काव्य पाठ कर प्रकृति के संरक्षण और अवैध कटान मजदूरों द्वारा किए जाने के पर रोक लगाए जाने की मांग की, इस मौके पर सिविल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नंदलाल अग्रहरी एडवोकेट,दुद्धी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश नाथ गुप्ता, प्रेमचंद यादव एडवोकेट, रामपाल जौहरी एडवोकेट, कुलभूषण पांडेय, अरुणोदय जौहरी एडवोकेट, राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी, अवधेश कुमार जयसवाल, रेनू देवी, दिनेश कुमार गुप्ता एडवोकेट, देवी शरण एडवोकेट, चित्रांगन दुबे, बनवासी सेवा आश्रम के देव नारायण भाई, स्वतंत्र पत्रकार समिति के पत्रकार अमरनाथ जयसवाल, निमेष कुमार कसेरा, आदि दर्जनों लोग मौके पर मौजूद रहे।

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