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पर्यावरण संरक्षण के तहत युद्ध स्तर पर करना होगा हम सभी को पौधरोपण

उमेश कुमार -बभनी, सोनभद्र (सोनप्रभात)

ओबरा। हमारे वृक्ष पृथ्वी पर स्वर्ग बनाने में समर्थ भी हैं। उक्त बातें ओबरा विधान सभा क्षेत्र में वृहद पौधरोपण में पर्यावरण दिवस पर ओबरा में पौधरोपण के दौरान भाजपा जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य दीपक गोंड़ ने लोगों से कही। कोविद 19 कोरोना से दुःखी परिजनों से मि लकर उनके घरों पर पौधरोपण किया।

 

दीपक गोंड़ ने कहा कि वन वायु को शुद्ध करते हैं, क्योंकि वृ क्ष कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करके ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे पर्यावरण शुद्ध होता है। कोरोना काल में भौतिक वादी इंसान को ऑक्सीजन की महत्ता प्रबल रूप से समझ में आई है। वृक्ष धरा के आभूषण हैं। प्रदूषण दूर करते है। वनों से वातावरण का तापक्रम, नमी और वायु प्रवाह नियमित होता है, जिससे जलवायु में सन्तुलन बना रहता है। वन जल वायु की भीषण उष्णता को सामान्य बनाए रखते हैं। वृक्ष आँधी-तूफानों से हमारी रक्षा करते हैं । गर्मी और तेज हवाओं को रोककर देश की जलवायु को समशीतोष्ण बनाए रखते हैं। वृक्षारोपण पर्यावरण को सन्तुलित कर मानव के अस्तित्व की रक्षा करने के लिए आवश्यक है। पेड़-पौधों के महत्त्व को कभी भी कमतर नहीं आंका जा सकता, क्योंकि ये हमारे जीवन के लिए अत्यन्त आवश्यक हैं। प्रकृति ने वनों ने रूप में हमें एक ऐसा प्राकृतिक सौन्दर्य उपलब्ध कराया है, जो न सि र्फ हमारी प्राकृतिक शोभा को बढ़ाते हैं, अपितु किसी भी देश के आर्थिक विकास व उसकी समृद्धि में भी महत्त्वपूर्ण भू मिका निभाते हैं। आर्थिक विकास के लिए वन केवल कच्चे माल की पूर्ति ही नहीं करते वरन् बाढ़ को नियन्त्रित करकेभूमि के कटाव को भी रोकते हैं। पौधरोपण के दौरान ओबरा मण्डल अध्यक्ष सतीश पाण्डेय, मण्डल उपाध्यक्ष वीरेश सिंह, युवा मोर्चा मण्डल अध्यक्ष संदीप सिंह, युवा मोर्चा मण्डल मंत्री रोशन सिंह, जिला महामंत्री जीत सिंह खरवार, भाजपा सभासद विकास सिंह मौजूद रहे।

वही कोरोना से मौत पर दीपक सिंह ने मांगी माफी और कहा कि स्व. इंजीनियर केएस सिंह जैसे जुझारू और प्रतिभावान सदस्य को खोने का संगठन को अत्यंत खेद है किंतु इसके लिए संगठन समाज के सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेवारी को समझते हुए बतौर महामंत्री दीपक ने शोक संतप्त परिवार से क्षमा मांगी । पुनः शोक संतप्त परि वार की कुशल क्षेम के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए स्वर्गीय इंजीनियर केएस सिंह के आत्मा की शांति के लिए ईश्वर के समक्ष नतमस्तक हैं। सिंह जी निधन से कामगारों सहित सा माजिक क्षेत्र में अपूर्णनीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती है। बिजली कामगार उन्हें अपना संरक्षक मानता रहा है।

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