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प्रधानमंत्री,गृहमंत्री,राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग.! केन्द्र सरकार रौनियार जाति को OBC की सूची में तत्काल शामिल करें।- उपाध्यक्ष प्रभु नाथ गुप्ता

  • 15 वर्षों से लंबित मामले को अभी तक सूची में शामिल नहीं किया गया।

सोनभद्र– सोनप्रभात –: आशीष गुप्ता 

सोनभद्र-रौनियार वैश्य समाज के लोगों को उनका हक मिलना चाहिए। जिस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गरीब ऊंची जातियों को 10% आरक्षण को 1 दिन में सांसद में पास करवा करके दे दिया था ठीक उसी तरह से रौनियार समाज के लोगों को भी उनका अधिकार प्रधानमंत्री दें। उक्त बातें अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के उपाध्यक्ष प्रभु नाथ गुप्ता ने कही।

प्रभु नाथ गुप्ता ने कहा कि रौनियार जाति के लोग ज्यादातर बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश से आकर दिल्ली में कई वर्षों से रह रहे हैं। दैनिक वेतन पर यहां काम करते हैं तथा अपने गरीब परिवार का पालन पोषण करते हैं रौनियार जाति के लोग आर्थिक शैक्षिक व राजनीति रूप से पिछड़े हैं तथा विकास इनके यहां अभी तक नहीं पहुंचा पाया है। जब रौनियार जाति के लोग अपना जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए Revenue Department,Govt.of NCT of Delhi.Office of the District Magistrate जाते हैं तो वहां पर उन्होंने बताया कि रौनियार भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के पत्र संख्या 12011/5/2002- बीसीसी दिनांक 26 अगस्त 2005 के द्वारा दी गई स्वीकृति तथा उक्त अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल किया गया है। लेकिन दिल्ली से केंद्रीय सूची भारत सरकार में सम्मिलित नहीं किया गया है। लगभग 15 वर्ष बीतने के बाद भी अभी तक OBC Caste Certificate for Central list of OBC के सूची में सम्मिलित नहीं किया गया। जो एक गंभीर मुद्दा व समस्या बन गया है। जो जाति रौनियार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली राज्य की अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित किया गया। लेकिन भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के केंद्रीय सूची में सम्मिलित नहीं किया गया जो रौनियार समाज के लोगों के साथ बहुत बड़ा अन्याय है। जो जाति राज्य में आर्थिक शैक्षिक व राजनीतिक रूप से पिछड़ा है लेकिन उस जाति को केंद्र में पिछड़ा नहीं माना जा रहा है यह रौनियार समाज के साथ अन्याय है जबकि यह अधिसूचना भारत सरकार सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के पत्र संख्या 12011/5/2002- बीसीसी दिनांक 26 अगस्त 2005 के द्वारा दी गई स्वीकृति तथा उक्त अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिश द्वारा दी गई।अखिल भारतीय रौनियार वैश्य महासभा के प्रभु नाथ गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, अध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भारत सरकार से मांग व अपील किया कि रौनियार वैश्य समाज के इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रौनियार जाति को केंद्रीय सूची भारत सरकार में सम्मिलित किया जाये। जिससे गरीब परिवार के बच्चों का एडमिशन यूनिवर्सिटी, इंजिनियरिंग कॉलेजों, मेडिकल कॉलेजों में हो सके। प्रधानमंत्री द्वारा जिस प्रकार से गरीब ऊंची जाति को 10% आरक्षण को 1 दिन में संसद से पास करवा कर दे दिया ठीक उसी प्रकार से रौनियार जाति के लोगों को भी उनका हक दिलाया जाए। जिससे रौनियार समाज के बच्चों के शिक्षा, दीक्षा, रोजगार, नौकरी में किसी भी प्रकार के कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

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