रामचरितमानस-: “सुनत बचन दससीस रिसाना। मन महु चरन बन्दि सुख माना।“- मति अनुरुप- अंक 38. जयंत प्रसाद

सोनप्रभात- (धर्म ,संस्कृति विशेष लेख)  – जयंत प्रसाद ( प्रधानाचार्य – राजा चण्डोल इंटर कॉलेज, लिलासी/सोनभद्र ) –मति अनुरूप– ॐ साम्ब शिवाय नम: श्री हनुमते नमः सुनत बचन दससीस रिसाना। मन महु चरन बन्दि सुख माना। श्रीरामचरित मानस की यह पंक्ति सीता हरण प्रसंग की है। सीता जी की बात सुनकर रावण को क्रोध हुआ … Continue reading रामचरितमानस-: “सुनत बचन दससीस रिसाना। मन महु चरन बन्दि सुख माना।“- मति अनुरुप- अंक 38. जयंत प्रसाद