रामचरितमानस-: “बहुविधि खल सीतहि समुझावा। साम दान भय भेद देखावा।“- मति अनुरुप- अंक 39. जयंत प्रसाद

सोनप्रभात- (धर्म ,संस्कृति विशेष लेख) – जयंत प्रसाद ( प्रधानाचार्य – राजा चण्डोल इंटर कॉलेज, लिलासी/सोनभद्र ) –मति अनुरूप– ॐ साम्ब शिवाय नम: श्री हनुमते नमः अपने पिछले अंक में मैंने यह समझने की कोशिश की कि रावण अंत तक यह निश्चय नहीं कर सका कि राम नारायण हैं। कुछ रामायणी तो यहां तक कहते … Continue reading रामचरितमानस-: “बहुविधि खल सीतहि समुझावा। साम दान भय भेद देखावा।“- मति अनुरुप- अंक 39. जयंत प्रसाद