मुख्य समाचार

डीएम के स्टेनो समेत 6 लोग 27 नवम्बर को कोर्ट में तलब।

  • कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट किया निरस्त, दलित महिला का प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र स्वीकार।
  • – दलित मंगुरी को मृतक दिखाकर पिछड़ी जाति के तीन सगे भाइयों के नाम की गई है वरासत।
  • – घोरावल कोतवाली क्षेत्र के तेंदुआ लहास गांव की 9 बीघा 2 विस्वा भूमि का मामला।

सोनभद्र – सोनप्रभात / राजेश कुमार पाठक – 

सोनभद्र। दलित महिला को मृतक दिखाकर उसकी 9 बीघा 2 विस्वा भूमि पिछड़ी जाति के तीन सगे भाइयों के नाम वरासत किए जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट खलीकुज्ज्मा की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए पुलिस विवेचक के जरिए दाखिल अंतिम रिपोर्ट को निरस्त करते हुए दलित महिला के प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया।

साथ ही धारा 190(1) सीआरपीसी का संज्ञान लेते हुए डीएम के स्टेनो अमरपाल गिरी, राजस्व निरीक्षक हरिशंकर मिश्रा, लेखपाल विनोद कुमार दुबे, सगे भाइयों हरिशंकर, शिवसरन व तेजबली को वास्ते विचारण के लिए 27 नवंबर 2021 को कोर्ट में समान के जरिए तलब किया है।
घोरावल कोतवाली क्षेत्र के तेंदुआ लहास गांव की मंगुरी ने 19 अक्तूबर 2021 को अपने अधिवक्ता के जरिए प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिसमें यह तर्क दिया गया था कि अभियुक्तगण पिछड़ी जाति के हैं जो अनुसूचित जाति के वारिस नहीं हो सकते। किंतु विवेचक ने इस तथ्य की विवेचना नहीं की। वादिनी के जीवित होने के बावजूद भी जमीन पर अभियुक्तगणों का नाम दर्ज हो गया है। जो फर्जी अभिलेख तैयार करके यह अपराध किया है। राजस्व अधिकारी ने अभियुक्तगणों के पिता का नाम मंगुरी लिखकर कागजात तैयार किया है। उसने आपराधिक षडयंत्र किया है। तथा फर्जी पिता लिखकर दस्तावेज तैयार किया है। डीएम के स्टेनो अमरपाल गिरी, राजस्व निरीक्षक हरिशंकर मिश्रा, लेखपाल विनोद कुमार दुबे की मिलीभगत से ही पिछड़ी जाति के सगे भाइयों हरिशंकर, शिवसरन व तेजबली का नाम अनुसूचित जाति के वारिस के रूप में दर्ज हुआ है। अंतिम रिपोर्ट घोरावल पुलिस ने 21 जून 2018 को न्यायालय में दाखिल किया था। जिसपर कोर्ट ने दलित महिला मंगुरी को नोटिस जारी किया था। महिला ने 19 अक्तूबर 2021 को न्यायालय में हाजिर हुई और प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने महिला के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने पर गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए पुलिस की अंतिम रिपोर्ट निरस्त कर दिया और प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। साथ ही धारा 190(1) सीआरपीसी का संज्ञान लेते हुए डीएम के स्टेनो समेत 6 लोगों को विचारण के लिए 27 नवंबर 2021 को कोर्ट में समन के जरिए तलब किया है।

Live Share Market

जवाब जरूर दे 

सोनभद्र जिले से अलग कर "दुद्धी को जिला बनाओ" मांग को लेकर आपकी क्या राय है?

View Results

Loading ... Loading ...

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
.
Website Designed by Sonprabhat Live +91 9935557537
.
Close
Close