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सहकारिता आंदोलन का अर्थ है, अंतिम सोपान पर खड़े आदमी तक पहुंचना : राजेंद्र पांडेय

सिंगरौली – सुरेश गुप्त “ग्वालियरी ” – सोन प्रभात

  • रोजगार के साथ आत्म निर्भरता प्रदान करता है सहकारिता आंदोलन :: राम लल्लू वैश्य

सहकार भारती द्वारा आहूत सागर इंटर नेशनल होटल स्थित सभागार में जिला सम्मेलन का आयोजन संपन्न हुआ जिसमे अनेक वक्ताओं ने सहकारिता आंदोलन इसके उद्देश व गठन पर विस्तार से चर्चा की।


सहकार भारती के गीत ” भारत के वैभव हित,सहकारिता की साधना!!
समाज है आराध्य हमारा, सेवा है आराधना!! के साथ सहकार भारती के प्रदेश मंत्री संदीप सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा सहकारिता दो शब्दों सह+ कारिता के मेल से बना है इसका अर्थ है मिल जुल कर कार्य करना,यह एक ऐसा संगठन है जिसके सदस्य समानता के आधार पर पारस्परिक हित के लिए कार्य करते है!! विषय को आगे बढ़ाते हुए कृष्ण कांत जी प्रदेश संगठन मंत्री) ने बताया सहकार भारती सहकार के क्षेत्र के राष्ट्रीय स्वय सेवक की एक अनुषांगिक संगठन है,यह पंजीकृत अशासकीय संस्था सहकारिता के आंदोलन को जन कल्याण स्वरूप देकर और अधिक।मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से 11 जनवरी 1979 को मुंबई में सहकार भारती नामक सामाजिक संस्था की स्थापना हुई इसके अध्यक्ष स्व माधव राव गोडवाले थे एवम स्व लक्ष्मण राव इनामदार ने इसे विस्तार दिया।


सहकार भारती के स्वरूप एवम उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए मुख्य अतिथि व प्रदेश के संगठन मंत्री राजेंद्र पांडेय ने संस्था के औचित्य को निरूपित करते हुए बताया सहकारिता और सह भागिता के गुणआम भारतीय में है हमारी परंपरा भी मेल जोल की रही है अनेक गावों में सामूहिक खेती करने का चलन था ,वसुधैव कुटुम्बम की धारणा थी परंतु कतिपय लोगों के निजी स्वार्थ व उदासीनता के कारण यह सहकारिता आंदोलन को उतना सम्मान नहीं मिल पाया , परंतु आज इसकी महत्ता इस बात से भी आंकी जा सकती है कि सहकारिता विभाग को केंद्र में भी विशिष्ट दर्जा मिला और इसके मुखिया के रूप में अमित शाह जी इस पर दृष्टि रखे हुए है!! हम संगठित कार्य करके उत्पादन,उपभोक्ता,निर्माण, ऋण दाता,सहकारी कृषि,हाउसिंग सोसाइटी,खरीद केंद्र ,अस्पताल, शिक्षा केंद्र आदि का संचालन समितियां बना कर कर सकते है, इससे धन, श्रम, समय की भी बचत होगी।
मुख्य अतिथि के आसंदी से बोलते हुए सिंगरौली के लोक प्रिय विधायक राम लल्लू वैश्य ने कहा सहायता समूह बनाकर आत्म निर्भर एवम रोजगार उपलब्ध किया जा सकता है, वैसे तो शासन द्वारा अनेक जनोपयोगी योजनाएं चलाई जा रही है परंतु हम सहकारी संस्था बनाकर कृषकों,ग्रामीण कारीगरों, भूमि हीन मजदूरो एवम समुदाय के कमजोर और पिछड़े वर्ग को रोजगार, साख,तथा तकनीक प्रदान कर सकते हैं।


सभा के अंत में जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमे ज्ञान प्रसाद गुप्त को जिला सिंगरौली का अध्यक्ष पद व जिला संगठन प्रमुख का पद सुनील सिंह चौहान जिला उपाध्यक्ष अजय त्रिपाठी एवम अन्य पदाधिकारी जनों को जिम्मेदारी सौंपी गई!!
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता व समाज सेवी संजीव अग्रवाल,युवा नेता कमलेश सिंह, अमृत विद्या पीठ के संचालक व समाज सेवी ए के तिवारी जी, भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश शाह,समाज सेवी अजय त्रिपाठी, कवि व पत्र कार सुरेश गुप्त ग्वालियरी, युवा समाज सेवी प्रभात कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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