कला एवं साहित्यमुख्य समाचारसम्पादकीय

कवि सम्मेलन – आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव पर “अटल काव्य निशा ” कवि सम्मेलन म्योरपुर में आज।

दुद्धी – सोनभद्र / जितेंद्र चंद्रवंशी – आशीष गुप्ता – सोन प्रभात

सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव व भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री कवि हृदय स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी के जन्मोत्सव पर ” अटल काव्य निशा ” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन म्योरपुर बिड़ला विद्या मंदिर के प्रांगण पर रात्रि में आयोजित है। जिसमे हास्य, व्यंग, और श्रृंगार रस के अमृत काव्य पाठ के बीच वरिष्ठ कवि कार्यक्रम के अध्यक्ष अजय शेखर साहित्य श्रुषि सोनभद्र, राष्ट्रीय कवि कमलेश राजहंस अनपरा , प्रोफेसर डॉक्टर शंभू सिंह अंतरराष्ट्रीय व्यंग गीत खरगोन मध्य प्रदेश , पंडित अशोक नागर अंतरराष्ट्रीय हास्य व्यंग मालवा , दिनेश दिग्गज अंतर्राष्ट्रीय हास्य व्यंग उज्जैन , मनमोहन मिश्रा गीत गंधर्व गोरखपुर ,लठूरी लठ्ठ हास्य हथोड़ा फरीदाबाद , लक्ष्मण नेपाली अंतरराष्ट्रीय लाफ्टर काठमांडू , काव्या मिश्रा अंतरराष्ट्रीय कवित्री मुंबई ,व पूनम श्रीवास्तव गीत कवित्री वाराणसी कवि कवित्रीयों का अद्भुत संयोग काव्य पाठ का रात्रि में अमृत रसपान काव्यपाठ का श्रोताओं को रसास्वादन होगा l

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक हरिराम चेरो के कर कमलों द्वारा उद्घाटन किया जाएगा, विशिष्ट अतिथि स्वरूप आनंद जी प्रांतीय सह संगठन मंत्री वनवासी कल्याण आश्रम कारिडाड,सोना बच्चा अग्रहरि पूर्व जिला मंत्री मंडल प्रभारी भाजपा दुद्धी, पन्नालाल अग्रहरी पूर्व ब्लाक प्रमुख ( भाजपा) की उपस्थिति में पूर्ण मनोयोग से कार्यक्रम का संयोजक मान सिंह गौड़ ब्लाक प्रमुख म्योरपुर के सानिध्य में ऐतिहासिक अटल काव्य निशा पर कार्यक्रम में सतरंगी छटा काव्य पाठ के माध्यम से महफिल में बिखेरा जाएगा।

सोनभद्र जनपद के लिलासी निवासी वनवासी बोली के कवि डॉ लखन राम “जंगली” की रचना प्रस्तुत है –

 

यश है विमल    दल-दल से अलग
एक तू ही  सच   कहता हूं कीच   काा  कमल  है,
कल-कल छल-छल है प्रवाहमान कीर्ति
गंगा जी के जल सा पवित्र है – धवल है,

 

सरस्वती पुत्र राजनीति के अजातशत्रु
शत्रु में भी मित्र निर्माण का पहल है,
राजनीति के शिखर राष्ट्र नीति के प्रखर
मानदंड जिसका चरित्र है ‘अटल’ है।

– डा. लखन राम ‘जंगली’
लिलासी कला सोनभद्र

वाह क्या बात है, शानदार, लाजवाब प्रस्तुतीकरण तालियों की गड़गड़ाहट के बीच आसपास का वातावरण काव्य प्रस्तुति के माध्यम से समाज का दर्पण बनकर कवि कवित्रीयों के द्वारा अद्भुत प्रस्तुतीकरण किया जाएगा , जिसका आज निश्चित रूप से साहित्य जगत के मूर्धन्य लोगों को भी यह कार्यक्रम आज एहसास कराता प्रतीत होगा कि देश समाज किस दिशा की ओर चल रहा है क्या उचित है और क्या अनुचित है कवि कवित्रीयों के लेखन के माध्यम से उच्च आदर्श के मानदंड को तय करता यह अटल काव्य निशा भारतीय कवि सम्मेलन से आज लोटपोट हो कर समाज को दशा और दिशा तय करने का कार्य यह कार्यक्रम करेगी l जिसके साक्षी जनपद सोनभद्र के कोने-कोने से साहित्य श्रोता बंधु कार्यक्रम में शिरकत करेंगे l

पाठकों के लिए सोनप्रभात सह संपादक सुरेश गुप्त “ग्वालियरी” की रचना प्रस्तुत है –

हार कभी न मानी जिसने,
रार कभी न ठानी जिसने,
एक राष्ट्र एक संविधान का
देखा था इक सपना जिसने
आज नमन उनको करता हूँ!!श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ!!

विश्व पटल पर जन नायक था
जन गण मन का अधिनायक था
शुचिता जिसके रग रग में थी
राज नीति का महा नायक था                            दिया पोखरण जिसने हमको                        आज नमन उनको करता हूँ!!                           श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ!!

 

हार गया संसद में लेकिन,
नैतिकता का पाठ पढ़ाया!
एक वोट से हार मान ली,
लेकिन सौदा रास न आया!
लिख दी जिसने नई कहानी,
आज नमन उनको करता हूँ!!
श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ!

 

पत्रकार, कवि, जन नेता थे,
अमर सदा व्यक्तित्व रहेगा!
आएँगे वह याद हमेशा
जब तक सूरज चाँद रहेगा!!
सच्चे सपूत थे भारत माँ के
आज नमन उनको करता हूँ!!
श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूँ!!

– सुरेश गुप्त “ग्वालियरी”     विन्ध्य नगर, बैढन

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