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म्योरपुर ब्लॉक में हुआ है सबसे ज्यादा बेंच का घोटाला, घोटाले मे हिस्सेदारी सबसे ज्यादा।

म्योरपुर – सोनभद्र / आशीष गुप्ता – सोन प्रभात

म्योरपुर ब्लाक में हुआ है सबसे ज्यादा बेंच का घोटाला, प्रधानों-सेक्रेटरियों की मिलीभगत से व हुआ सोनभद्र का सबसे बड़ा घोटाला । कुछ विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि दस ब्लॉक वाले सोनभद्र जिले में सबसे ज्यादा बेंच घोटाला म्योरपुर ब्लाक में पाया गया है। अगर कायदे से जांच की गई तो इसमें कईयों की कलई खोलती हुई मिलेगी।

सोनभद्र जिले में पकड़ी गई घोटाले की धनराशि में सबसे ज्यादा म्योरपुर ब्लॉक की लगभग 40% हिस्सेदारी बताई जा रही है।

डीपीआरओ के निर्देश पर यहां के 38 प्रधानों और उनसे जुड़े 13 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस कर घोटाले की धनराशि एक सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया गया है। उधर, एडीओ पंचायत रविदत्त मिश्रा ने बताया कि 38 प्रधानों और 13 ग्राम पंचायत अधिकारियों को रिकवरी की नोटिस जारी कर दी गई है। अब तक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सेक्रेटरियों को रिकवरी की नोटिस जारी होने की बात विश्वस्त सूत्र बता रहे हैं।

बृहस्पतिवार को जहां बभनी थाने में दो प्रधान और एक ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। वहीं म्योरपुर ब्लाक के 38 प्रधानों और 13 सेक्रेटरियों को रिकवरी की नोटिस जारी कर दी गई है। शेष ब्लॉकों को लेकर कार्रवाई की प्रक्रिया मे काफी तेजी बरती जा रही। बेंच घोटाले को लेकर कार्रवाई की सुगबुगाहट सुबह से ही बनी रही। डीएम चंद्र विजय सिंह ने जहां सीडीओ और डीपीआरओ के साथ पत्रावली की समीक्षा कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बभनी में दो प्रधान और एक सेक्रेटरी के खिलाफ थाने में FIR दर्ज करा दी गई है।

बैंक घोटाले की चल रही जांच में बगैर आपूर्ति लिए ही भुगतान कर देने का भी मामला सामने आया है। आपको बताते चले कि म्योपुर, बभनी सहित लगभग सभी ब्लॉकों में आपूर्ति लिए ही धनराशि की भुगतान कर दी गई। सत्यापन में यह भी जानकारी सामने आई है ।

बभनी में हुई कार्रवाई को इसी का पहला चरण माना जा रहा है।आप सभी को बताते चलें कि मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा की तरफ से डीएम को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी कड़ी में पीएम की तरफ से सीडीओ और डीपीआरओ से मामले की जांच कार्रवाई कराई जा रही है। इस मामले में बृहस्पतिवार को एफआईआर की पहली कार्रवाई भी सामने आई है, और भी ब्लॉकों में एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। समाचार लिखे जाने तक तहरीर तैयार दिये जाने की बात कही जा रही है।

बभनी ब्लाक में प्राथमिक चरण की जांच में दो ग्राम पंचायतों संवरा और शीशटोला में लगभग 500000/- (पाँच लाख रुपये) का घोटाला सामने आया है।
सवंरा में रुपये 125000/- और शीशटोला में रुपये 362500/- के घोटाले/ गबन की पुष्टि हुई है। इसके लिए शीशटोला प्रधान अनवर हुसैन और सवंरा प्रधान विजय शंकर यादव और ग्राम पंचायत सचिव राजेश कुमार को जिम्मेदार मानते हुए बभनी थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई दी गई है। एडीओ पंचायत काशीराम ठाकुर की तरफ से दी गई तहरीर पर मामला दर्ज कर पुलिस ने अपनी छानबीन भी शुरू कर दी है। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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