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समाज को खुद खड़ी करनी होगी अपनी ताकत तो आएगा परिवर्तन

ग्राम पंचायतों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के संकल्प के साथ सम्मेलन का समापन

राज्य मंत्री और विधायक दोनो ने कलाकारों की सराहना की

हीनभावना का त्याग कर किसान खुद की गरिमा बढ़ाए

म्योरपुर/पंकज सिंह

बनवासी सेवा आश्रम में दो दिवसीय ग्राम स्वराज्य सम्मेलन के दूसरे और आखिरी दिन कर्म योगी प्रेमभाई के प्रेरणा स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना के साथ शुरू हुई और विचित्रा महाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवी और उधोग पति अरुण जैन ने कहा की समय के साथ किसानों को आगे बढ़ने और उपज की योजना बनाने की जरूरत है।

किसान हीन भावना का त्याग करे और खुद की ताकत पहचाने ,शहरी लोगो ने किसानों को गरीब कहा और यह धारणा बन गई जबकि सबसे सुखी किसान हो सकता है। राज्य मंत्री संजीव गोंड ने कहा कि आजादी के बाद प्रेम भाई इस क्षेत्र में आकर देखा की हर खेत को पानी हर हाथ को काम युवाओं को रोजगार किस प्रकार मिले इसके लिए उन्होंने ग्राम स्वराज चलाने की जरूरत है उन्हीं का मार्गदर्शक दर्शक पर बनवासी सेवा आश्रम ग्रामीण स्वरोजगार मिशन चला रही है।


दुद्धी विधायक रामदुलार सिंह ने कहा कि आजादी के एक दशक बाद प्रेम भाई ने इस क्षेत्र में हर खेत को पानी हर हाथ को काम की अलख जगाई थी संस्थान आज भी गांधी विचारो से प्रेरित हो क्षेत्र के लिए काम कर रहा है वह अनुकृणीय है ।कहा की समाज में सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी तो समाज ताकतवर होगा और समस्याएं दूर होंगी उन्होंने कहा स्वर्गीय प्रेम भाई का ही देन है कि धारा 4 की जमीन आदिवासियों के नाम पर धारा 20 के जमीन हुई थी आज भाजपा सरकार धारा 20 की जमीन पर कब्जा धारी आदिवासियों को उस जमीन का भौमिक अधिकार देने जा रहे हैं


शुभा प्रेम ने आश्रम के वर्ष भर में किए गए कार्यों की प्रगति रिपोर्ट रखी और बताया की पर्यावरण संरक्षण,ग्राम स्वराज्य की दिशा में गावो को स्वावलंबी बनाने पंचायतों को सशक्त बनाने ,और महिलाओ को स्वरोजगार से जोड़ने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ कृषि उत्पाद को अच्छे दाम मिले इसके लिए एस पी ओ के माध्यम से किसानों का संगठन तैयार हो रहा है। बताया की विनोबा जयंती से गांधी जयंती तक 13 264 लोगो से संपर्क किया गया।

360 सभाएं की गई जबकि आई जी बी आर से मिल कर साढ़े तीन सौ आदिवासी किसानों को कृषि तकनीकी और बीज उपलब्ध कराने के साथ उन्हे जागरूक किया गया।ग्रामीण अगुआ रामचन्द्र, रामजतन, रामलोचन, बेचन आदि ने गांव और खुद से किए गए प्रयास की बात रखी पशु चिकित्साधिकारी डा विवेक सरोज ने कृषि के साथ पशुपालन पर जोर दिया। तीसरी सरकार के संयोजक डा चंद्र शेखर प्राण ने पंचायतों के शसक्तिकरण की चर्चा की और कहा की विकास प्रकृति सरंक्षण आधारित होनी चाहिए।

अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार अजय शेखर ने कहा की खनिज और वन संपदा की अथाह सागर वाले सोनभद्र में कथित लुटेरों से बचना होगा। यहां लाखो लोग प्रदूषण के शिकार हो रहे है और कंपनियां बाहरी लोगो को काम दे रही है। यही रहा तो यहां के रहवासी मिट जायेंगे। अंत में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।मौके पर वसंत भाई, ब्लॉक प्रमुख मानसिंह डा विभा, रविंद जायसवाल, प्रेमचंद यादव,भाजपा जिला महा मंत्री जीत सिंह खरवार, विमल भाई। सुधीर,दीपक ,नसीम कन्हैया,प्रदीप शुक्ला, लक्षण दत्त मिश्रा, रविचंद दुबे, देवनाथ भाई, केवला दुबे, समेत विभिन राज्यों के सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।संचालन शिवशरण सिंह ने किया।

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