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सोलर लाइट वितरण में करोड़ो का गोलमाल, जांच की मांग।

  • सौभाग्य योजना के तहत जहाँ बिजली नही पहुँच पाई थी ,वहाँ सोलर लाइट देना था।।
  • निःशुल्क सोलर वितरण में 5 हजार से लेकर साढ़े छह हजार तक वसूले गए ।
  • इस तरह वसूली की जाँच हो – सुरेन्द्र अग्रहरि
  • ठेकेदार व एक सफेदपोश की मिलीभगत से हुई हैं अवैध वसूली।
  • भाजपा कार्यकर्ताओं से भी लिया गया है पैसा ,इसकी जाँच आवश्यक- सुरेन्द्र अग्रहरि

जितेन्द्र चन्द्रवंशी- दुद्धी, सोनभद्र-सोनप्रभात

(दुद्धी)सोनभद्र- देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीबो के हित के लिए सौभाग्य योजना की शुरुआत की थी।  जिसके अन्तर्गत सभी विकास खंडों के प्रत्येक मजरों में विद्युतीकरण होना था और जहाँ बिजली न पहुँच पाये वहाँ पर सोलर लाइट के माध्यम से हर घर को रोशन करने की बात महत्वपूर्ण रूप से कही गई थी। इसके लिए सरकार ने कई हजार करोड़ रुपए लगाकर कई कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन जहाँ बिजली नही पहुँच पाई वहाँ पर सोलर लाइट देने के लिए केन्द्र सरकार ने उर्जा विभाग के नेडा नामक संस्था के माध्यम से सोलर लाइट वितरण की व्यवस्था की ।

सोनभद्र जनपद में कई हजार सोलर लाइट आए लेकिन कुछ ऐसे तत्व मिल गए जहाँ सम्बन्ध और रिश्तेदारी के माध्यम से इन सोलर लाइटो के वितरण में पैसे का खेल खेला गया जिसमें 5 हजार रुपए से लेकर 7 हजार रुपए तक लिए गए और पूरा सामान भी नहीं दिया गया । गरीबो के यहाँ जो पहाडो पर निवास करते हैं या जहाँ बिजली नही पहुँच पाये ऐसे मजरों में ,कुनबे के तौर पर रहने वाले लोगों के घरों तक रोशनी पहुचाने हेतु सरकार कमर कस चुकी हैं लेकिन इस योजना को तार तार करने में कुछ तत्व लग कर गरीबो के घरों में अंधेरा करने का कुत्सित प्रयास किए हैं।जिसकी जितनी निन्दा की जाए कम है।इसमें ठेकेदार के साथ साथ एक दो सफेदपोश की भी भूमिका रही हैं।

उक्त बातें भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व जिला महामंत्री ,डीसीएफ के चेयरमैन सुरेन्द्र अग्रहरि ने कही।उन्होंने कहा कि हर घर बिजली पहुचाने की मन्शा को एक दो लोगो ने ठेकेदार के साथ मिलकर ध्वस्त करने का काम किया है, जिसकी जाँच आवश्यक है ।सोनभद्र जनपद में अब तक जहाँ तक जानकारी मिली है 40से 50 हजार सोलर लाइट वितरित किया गया है ,जिसमे दुद्धी विधानसभा में ही लगभग 20 हजार सोलर लाइट वितरित हुए होंगे ,बिना पैसे के शायद ही कोई सोलर लाइट वितरित किया गया होगा। जिसके लिए 5 हजार से साढ़े छह हजार की वसूली एक सोलर लाइट पर हुई है ।इसकी जाँच आवश्यक हैं क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का एक एक कार्यकर्ता दिन रात मेहनत करके पार्टी संगठन के लिए कार्य करता है और जब वही पीड़ित हो जाये या उसी को पैसा देना पड़ जाए तो यह संगठन के हित में नही है। इस सोलर लाइट वितरण में ठेकेदार के साथ साथ जो भी एक दो सफेदपोश लोग हैं उनकी भूमिका की भी जाँच कराकर संगठन से बाहर किया जाए।

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सोनभद्र जिले से अलग कर "दुद्धी को जिला बनाओ" मांग को लेकर आपकी क्या राय है?

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