February 22, 2025 7:14 PM

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Sonbhadra : सावित्री हत्याकांड के दोषी पति, ससुर व सास को 7-7 वर्ष की कठोर कैद

सावित्री हत्याकांड : दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर की गई थी हत्या | अदालत ने पति, ससुर और सास को ठहराया दोषी | 7-7 वर्ष की कठोर कैद के साथ 2-2 हजार रुपये का अर्थदंड |

Sonbhadra | Sonprabhat News | जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी ब्यूरो चीफ सोनभद्र 

  • 2-2 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद
  • जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी
  • दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी नहीं हुई तो सावित्री देवी को मार दिया

सोनभद्र। दहेज में एक लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर सावित्री देवी (सावित्री हत्याकांड) की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषी पति संतोष, ससुर अमरनाथ व सास फूलवंती देवी को 7-7 वर्ष की कठोर कैद व 2-2 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। साथ ही, जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

पिता ने दी थी तहरीर

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मृतका के पिता घुरफेकन पाल निवासी ग्राम बरवाडीह, थाना चकरघट्टा, जिला चंदौली ने रॉबर्ट्सगंज थाने में 27 सितम्बर 2018 को तहरीर देकर अवगत कराया था कि उन्होंने अपनी बेटी सावित्री देवी की शादी करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व 9 जून 2014 को संतोष पुत्र अमरनाथ निवासी ग्राम बसौली, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र के साथ हिंदू रीति-रिवाज से की थी।

शादी के बाद से ही शुरू हुआ था उत्पीड़न

शादी में अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार स्वरूप सामान देने के बावजूद, ससुराल पक्ष द्वारा दहेज में एक लाख रुपये की मांग को लेकर सावित्री देवी को प्रताड़ित किया जाने लगा। पति संतोष, ससुर अमरनाथ और सास फूलवंती देवी आए दिन उसके साथ मारपीट करते थे। जब भी सावित्री मायके आती थी, तो वह अपने परिजनों को इस प्रताड़ना की जानकारी देती थी।

समझौते के बाद भी जारी रही प्रताड़ना

कई बार रिश्तेदारों के सामने पंचायत भी हुई, जिसमें आरोपियों ने आश्वासन दिया कि आगे से प्रताड़ित नहीं करेंगे, लेकिन इसके बावजूद उत्पीड़न जारी रहा।

हत्या कर बीमार होने का दिया था झांसा

22 सितंबर 2018 को सुबह 6 बजे सावित्री देवी की बीमारी की सूचना पर परिजन जब उसके ससुराल पहुंचे, तो उसके शरीर पर चोट के निशान थे और वह मृत अवस्था में पड़ी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका के पिता का स्पष्ट आरोप था कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति, ससुर और सास ने मिलकर सावित्री देवी की हत्या कर दी।

image : File Photo

पुलिस ने किया था मुकदमा दर्ज

इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।

अदालत ने सुनाई सजा

मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 9 गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने दोष सिद्ध पाया। इसके आधार पर पति संतोष, ससुर अमरनाथ व सास फूलवंती देवी को 7-7 वर्ष की कठोर कैद और 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

सरकारी वकील ने रखा अभियोजन पक्ष

अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की और पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।

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