अटल जयंती पर सिंगरौली में सजा काव्य मंच, “एक शाम अटल के नाम” में गूंजी कविताएँ.

  • वरिष्ठ कवि सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’ के काव्य संग्रह “रिश्तों की तुरपाई” का हुआ भव्य विमोचन

विंध्य नगर, बैढ़न (सिंगरौली)। Sonprabhat News Desk  

भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर बस स्टैंड बैढ़न स्थित दुर्गा मंडपम में “एक शाम अटल के नाम” शीर्षक से भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन सिंगरौली विधानसभा भाजपा द्वारा किया गया। इस साहित्यिक संध्या में स्थानीय कवियों के साथ-साथ बाहर से पधारे प्रतिष्ठित कवियों ने अटल जी को समर्पित रचनाओं का सस्वर पाठ कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

काव्य मंच का सफल एवं गरिमामय संचालन जयंत से पधारे वरिष्ठ कवि श्री कमल शुक्ल ‘अज्ञान’ ने किया। मंचासीन कवियों में प्रविंद दुबे ‘चंचल’, सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’, नारायण दास भट्ट ‘विकल’, के.पी. सोनी, मनोहर वर्मा, रामखेलावन मिश्रा, राम मिलन उपाध्याय, श्री कमल शुक्ल ‘अज्ञान’, सुश्री विभा तिवारी, श्रीमती कृतिका दुबे ‘कृति’, संतोष गुप्ता एवं प्रवीण तिवारी शामिल रहे, जिन्होंने अपनी प्रभावशाली रचनाओं से सभागार को तालियों से गुंजायमान कर दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित अतिथिगण सदर विधायक श्री रामनिवास शाह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुंदरलाल शाह, नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पांडे, पूर्व पुलिस अधिकारी श्री गोविंद पांडे, श्री प्रवीण शुक्ल एवं श्री सौरभ गुप्ता सहित मंचासीन कवियों ने स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके पश्चात कवियों को शॉल, श्रीफल एवं माल्यार्पण कर आयोजकों द्वारा सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सदर विधायक श्री रामनिवास शाह ने अटल जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी जैसे महामानव शब्दों की सीमाओं में नहीं बांधे जा सकते। वे शुचिता, सिद्धांत और राष्ट्रनिष्ठा के प्रतीक थे। उन्होंने कविता की भूमिका पर बोलते हुए कहा कि कवि केवल शब्दों को सजाता नहीं, बल्कि समाज का दर्पण बनकर जनभावनाओं को अभिव्यक्त करता है—कभी उसकी कलम आंदोलन बनती है, तो कभी शांति का संदेश देती है।

भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुंदरलाल शाह ने अटल जी को सदी का महान नेता बताते हुए कहा कि एक वोट से सत्ता से बाहर होने के बाद भी उन्होंने अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया। उन्होंने अटल जयंती के अवसर पर संगठन द्वारा पूरे सप्ताह विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की घोषणा भी की। नगर निगम अध्यक्ष श्री देवेश पांडे ने अटल जी को उदार मन का, अजातशत्रु व्यक्तित्व बताते हुए उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सिंगरौली के वरिष्ठ कवि सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’ के नवप्रकाशित काव्य संग्रह “रिश्तों की तुरपाई” का विमोचन रहा। पुस्तक का विमोचन करते हुए विधायक श्री रामनिवास शाह ने कहा कि यह संग्रह केवल रिश्तों की संवेदनशीलता ही नहीं, बल्कि समाज की अनेक विसंगतियों को भी उजागर करता है। “कभी-कभी घर जाया कर” जैसी रचना जहां गांव और मिट्टी की याद दिलाती है, वहीं “चल रे कलुआ लकड़ी काट” जैसी सशक्त कविता पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण के प्रति चेतना जगाती है।

समापन अवसर पर वरिष्ठ कवि सुरेश गुप्त ‘ग्वालियरी’ ने सभी आमंत्रित कवियों एवं अतिथियों को अपनी पुस्तक भेंट कर आभार व्यक्त किया। साहित्य, विचार और श्रद्धा से सजी यह संध्या अटल जी के व्यक्तित्व को समर्पित एक यादगार आयोजन के रूप में उपस्थित जनमानस के हृदय में अंकित हो गई।

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