भूमाफियाओं को फर्जी पट्टा देने का आरोप, भाजपा नेता ने डीएम से की कार्रवाई की मांग.

सोनभद्र | सोनप्रभात न्यूज़ | वेदव्यास सिंह मौर्य

रावर्ट्सगंज तहसील में गरीबों को पट्टा दिए जाने की आड़ में भूमाफियाओं को सरकारी भूमि का फर्जी पट्टा दिए जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी ने जिलाधिकारी सोनभद्र से मिलकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इसे सरकार की छवि धूमिल करने की सोची-समझी साजिश बताया। गुरुवार को जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान डॉ. तिवारी ने रावर्ट्सगंज तहसील की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए ग्राम लसड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में जारी फर्जी पट्टा प्रकरणों की जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील में भूमाफिया पूरी तरह हावी हैं और उन्हें राजस्व विभाग के अधिकारियों का खुला संरक्षण प्राप्त है।

डॉ. तिवारी के अनुसार तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की मिलीभगत से किसानों की जमीन औने-पौने दामों में खरीदी जा रही है और नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग कराई जा रही है। किसानों से सस्ते दामों पर एग्रीमेंट कर जमीन बाद में महंगे दामों पर बेची जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम लसड़ा में अपात्र व्यक्तियों को फर्जी तरीके से पट्टा दिया गया है, वहीं पास से बहने वाली प्राचीन सिरोही नदी के अस्तित्व को भी समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। नदी को पाटकर कब्जा किया गया है, जिस पर बाउंड्रीवाल और मकान तक बना दिए गए हैं।

डॉ. तिवारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि ग्राम रसड़ा अक्षर में बांध की जमीन को भी अपात्र व्यक्तियों के नाम पट्टा कर दिया गया है। इसके पीछे रावर्ट्सगंज–पन्नूगंज मार्ग के संभावित फोरलेन निर्माण को ध्यान में रखते हुए करोड़ों रुपये के भूमि घोटाले की साजिश रची गई है, जिससे भविष्य में जमीन की कीमत बढ़ने पर बंदरबांट की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सदर तहसीलदार द्वारा अवैध धन उगाही कर प्लाटिंग कराने वालों के साथ मिलकर संपत्ति अर्जित की गई है, जिसका लेन-देन तहसील के एक कर्मचारी शुभांशु के खाते के माध्यम से किया गया। इस पूरे मामले में शमसुद्दीन, शहाबुद्दीन और सलीम के नाम भी सामने आए हैं। डॉ. तिवारी ने सभी संबंधित लोगों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की।

इसके अलावा मुसही क्षेत्र में राजा साहब की भूमि से जुड़े एक प्रकरण में भी तहसील स्तर पर जानबूझकर विवाद खड़ा कर मामले को उलझाने का आरोप लगाया गया। डॉ. धर्मवीर तिवारी ने मांग की कि लसड़ा पट्टा प्रकरण में कानूनगो, लेखपाल, तहसीलदार और एसडीएम की भूमिका की गहन जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति की जांच कराकर सरकार की छवि खराब करने वालों को दंडित किया जाए।

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