जिलाधिकारी सोनभद्र ने मोबाइल से होमवर्क किसी भी तरह का असाइनमेंट भेजने पर भी लगाई रोक।
सोनभद्र में कक्षा 5 तक के सभी शासकीय, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत मोबाइल के माध्यम से होमवर्क और किसी भी तरह का असाइनमेंट भेजने पर भी प्रतिबंध रहेगा।

यह निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग के एक पत्र के संदर्भ में लिया गया है। हाल के घटनाक्रमों और बच्चों में मोबाइल की बढ़ती निर्भरता को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सामान्य परिस्थितियों में विद्यालयों द्वारा व्हाट्सएप या अन्य डिजिटल माध्यमों से शैक्षणिक कार्य भेजना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।निर्देशों के अनुसार, विद्यालयों में ही समस्त शैक्षणिक कार्य पूरे कराए जाएं और गृहकार्य भी विद्यालय स्तर पर ही दिया जाए। अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर मोबाइल पर आधारित ऑनलाइन शिक्षण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को मोबाइल की अत्यधिक लत से बचाना और इसके संभावित दुष्परिणामों की पुनरावृत्ति को रोकना है। इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी, सोनभद्र को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है।कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के ऑनलाइन शिक्षण अत्यंत चिंताजनक है जिसमें की अल्प आयु के बच्चे मोबाइल फोन के प्रति मानसिक, भावनात्मक एवं व्यावहारिक रूप से आसक्त होते जा रहे हैं जिसका चरम एवं भयावह परिणाम गाजियाबाद की एक घटना के रूप में परिलक्षित हुआ है मोबाइल फोन के माध्यम से से शिक्षण कार्य पर रोक लगाने से दुर्भाग्यपूर्ण एवं हृदय विदारक घटनाओं की पुनरावृत्ति को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।
Mukesh (aka Shaktipal) is a journalist with 10 years of experience in Sonbhadra, known for his ground-level reporting and strong focus on local public issues.
















