ठेकेदार आधा अधूरा काम छोड़कर भागा,आवाजाही बाधित।
विंध्य नगर बैढ़न/ सुरेश गुप्त ग्वालियरी/ सोन प्रभात नालियां बजबजा रही है, मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, कीट पतंगे गाने गा रहे है, बिजली के पोल जर्जर हो रहे है, पक्षियों ने अपने घोंसले बना लिए है!! बिजली का हाल छुईमुई जैसा, दो बूंद गिरी और तार झनझना उठते है, धूप पड़ी तो…




















