धीमी, मध्यम और तेज चक्रों के साथ लय वद्ध ,चक्रीय श्वास का एक उन्नत रूप है सुदर्शन ध्यान।- प्रीतम माहिच
विंध्य नगर/ सिंगरौली – सुरेश गुप्त ग्वालियरी/ सोन प्रभात विश्व विख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी द्वारा लगभग भारत सहित 180 देशों में हिंसा युक्त समाज के लिए विश्व व्यापी आंदोलन का नेतृत्व किया जा रहा है आपकी संस्था आर्ट ऑफ लिविंग का उद्देश्य ही है तन ,मन का शुद्धिकरण!! अनेक बीमारियों का नियंत्रित…




















