रामचरितमानस–: “राम सदा सेवक रूचि राखी। बेद पुरान साधु सुर साखी।”- मति अनुरुप- (अंक-27) जयंत प्रसाद
सोनप्रभात- (धर्म ,संस्कृति विशेष लेख) – जयंत प्रसाद ( प्रधानाचार्य – राजा चण्डोल इंटर कॉलेज, लिलासी/सोनभद्र ) –मति अनुरूप– ॐ साम्ब शिवाय नम: श्री हनुमते नमः राम सदा सेवक रूचि राखी। बेद पुरान साधु सुर साखी। प्रभु अपने भक्तों की रुचि सदैव पूरी करते हैं, आज का अंक इसी प्रसंग पर आधारित है। शूर्पणखा…




















