महारानी दुर्गावती की 502वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
सोनभद्र। सोमवार को ग्राम मल्देवा स्थित महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर वीरांगना महारानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर महारानी दुर्गावती के साहस, शौर्य और संघर्ष को याद किया।
8:42 PM, Oct 5, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

शिक्षा, नारी सशक्तिकरण और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर समाज ने उठाई आवाजदुद्धी, सोनभद्र। सोमवार को ग्राम मल्देवा स्थित महारानी दुर्गावती स्मारक स्थल पर वीरांगना महारानी दुर्गावती की 502वीं जयंती उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने शामिल होकर महारानी दुर्गावती के साहस, शौर्य और संघर्ष को याद किया।कार्यक्रम का शुभारंभ आदि बड़ा देव के सुमिरन के साथ किया गया। इसके बाद 52 गढ़ और 57 परगना के देवी-देवताओं का स्मरण करते हुए सगा समाज के धर्माचार्य अनिल सिंह पोयाम एवं गिरधारी श्याम के नेतृत्व में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कराया गया।जयंती समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने, नारी सशक्तिकरण को मजबूत करने तथा अपनी गौरवशाली विरासत और इतिहास से प्रेरणा लेकर साहस एवं सामाजिक समरसता के लिए कार्य करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि महारानी दुर्गावती का जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और साहस की प्रेरणा देता है।इस दौरान आदिवासी धर्म कोड लागू करने की मांग भी दोहराई गई। साथ ही जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी समाज के पुश्तैनी अधिकारों को वनाधिकार कानून के तहत सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई गई।कार्यक्रम के आयोजन में फौजदार सिंह परस्ते, अवध सिंह ओइमा, अनिल सिंह पोयाम, राजेंद्र मराई, रिंकू सिंह, दयाशंकर, राजकुमारी, गिरधारी सहित समाज के अन्य लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में उपस्थित लोगों ने महारानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने और समाज को शिक्षा, एकता एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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