Crime news:ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। प्रसव के बाद 29 वर्षीय विवाहिता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। परिजनों ने निजी अस्पताल में सी-सेक्शन (ऑपरेशन से प्रसव) के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और न्याय की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मौत के कारणों, अस्पताल के पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता की जांच कराने की बात कही है।
7:31 PM, Oct 22, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी थी 29 वर्षीय कंचन मौर्या की हालत, बीएचयू में उपचार के दौरान हुई मौत;
अस्पताल के पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता पर भी उठे सवाल
रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र)। प्रसव के बाद 29 वर्षीय विवाहिता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। परिजनों ने निजी अस्पताल में सी-सेक्शन (ऑपरेशन से प्रसव) के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई और न्याय की मांग की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मौत के कारणों, अस्पताल के पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता की जांच कराने की बात कही है। वहीं, परिजनों की शिकायत के आधार पर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की भी जानकारी दी गई है।
मृतका की पहचान चोपन थाना क्षेत्र के भभाइच निवासी कंचन मौर्या (29), पत्नी मिथिलेश कुमार मौर्या के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, कंचन की शादी करीब दो वर्ष पहले हुई थी और यह उसका पहला प्रसव था। उसके पति खेती-किसानी करते हैं। कंचन का मायका नौगढ़ ब्लॉक के मझगाईं क्षेत्र के ठठवा गांव में बताया गया है।
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ऑपरेशन के बाद बिगड़ने लगी हालत
परिजन रंजीत सिंह के मुताबिक, 14 अक्टूबर की भोर में कंचन को प्रसव के लिए पकरी पोखरा स्थित प्रकाश पाली क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। वहां ऑपरेशन के बाद उसने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार, नवजात का वजन कम होने के कारण उसे दूसरे अस्पताल ले जाने की बात सामने आई। इसी दौरान कंचन की तबीयत भी बिगड़ने लगी और उसे सांस लेने में परेशानी होने लगी।परिजनों ने बताया कि कंचन को बेहतर उपचार के लिए वाराणसी स्थित बीएचयू अस्पताल ले जाया गया,
जहां उपचार के दौरान गुरुवार सुबह उसकी मौत हो गई। हालांकि, बीएचयू में भर्ती कराने और मौत की सटीक तारीख की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।कंचन की मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर रॉबर्ट्सगंज स्थित रामा हॉस्पिटल फ्रैक्चर एंड सर्जिकल सेंटर के सामने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। परिजन ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग पर अड़े रहे।
अस्पताल के पंजीकरण पर भी उठे सवाल
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परिजनों ने संबंधित निजी अस्पताल के पंजीकरण और वहां कार्यरत चिकित्सक की योग्यता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती कराते समय उन्हें पंजीकरण और चिकित्सक की डिग्री के संबंध में पर्याप्त जानकारी नहीं थी। बाद में संदेह होने पर उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कराने की मांग की।हालांकि, ऑपरेशन में चिकित्सकीय लापरवाही बरते जाने या अस्पताल के पंजीकरण में अनियमितता होने की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इन बिंदुओं पर स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित अभिलेखों का सत्यापन महत्वपूर्ण होगा।एसीएमओ बोले- मौत की वजह का पता लगाने के लिए होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ गुलाब शंकर के अनुसार, निजी अस्पताल में सी-सेक्शन के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ने और बाद में उसकी मौत होने का मामला सामने आया है। ऑपरेशन के बाद सांस लेने में परेशानी होने की बात बताई गई है। खून की कमी समेत अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी, ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।
अधिकारी ने अस्पताल के पंजीकरण की स्थिति की जांच कराने की बात भी कही। बताया गया कि पंजीकरण से संबंधित मामला हाईकोर्ट में लंबित होने के कारण प्रक्रिया प्रभावित हुई थी। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक दस्तावेजों से पुष्टि होना बाकी है।एसीएमओ के मुताबिक, परिजनों की शिकायत के आधार पर अस्पताल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को तत्काल मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए स्थानांतरित कराया जाएगा।शव रखकर कार्रवाई की मांग, जांच पर टिकी नजरेंमहिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल के सामने शव रखकर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे शव नहीं हटाएंगे।
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मौके पर पहुंची पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटी रही।फिलहाल इस मामले में मौत की वास्तविक वजह, ऑपरेशन के दौरान अपनाई गई चिकित्सकीय प्रक्रिया, अस्पताल के पंजीकरण और संबंधित चिकित्सक की योग्यता की जांच अहम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीएचयू के उपचार संबंधी अभिलेख, ऑपरेशन के दस्तावेज और विभागीय जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं।
अस्पताल के पंजीकरण और चिकित्सक की योग्यता पर भी उठे सवाल






