कैलाश कुंज मल्देव पार्क के अधूरे विकास कार्य की जांच की मांग
सोनभद्र। तहसील दिवस में ग्राम पंचायत मल्देवा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल कैलाश कुंज/लवकुश पार्क के अधूरे विकास कार्य का मामला सामने आया। ग्राम प्रधान सीता जायसवाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पर्यटन विकास कार्यों में हो रही देरी, निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
8:00 PM, Oct 3, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Jitendra Kumar chandrwanshi

कैलाश कुंज मल्देव पार्क के अधूरे विकास कार्य का मुद्दा उठा, ग्राम प्रधान ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
दुद्धी, सोनभद्र। तहसील दिवस में ग्राम पंचायत मल्देवा स्थित प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल कैलाश कुंज/लवकुश पार्क के अधूरे विकास कार्य का मामला सामने आया। ग्राम प्रधान सीता जायसवाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पर्यटन विकास कार्यों में हो रही देरी, निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।ग्राम प्रधान के अनुसार पर्यटन विभाग की ओर से पार्क के विकास के लिए करीब 1 करोड़ 91 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने के बावजूद लगभग चार वर्ष बाद भी कई महत्वपूर्ण कार्य अधूरे हैं। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में असंतोष है।प्रार्थना पत्र में निर्माण कार्य में प्रयुक्त नदी की मिट्टीयुक्त बालू सहित अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा स्वीकृत डीपीआर, निर्धारित तकनीकी मानकों, माप पुस्तिका और भुगतान से संबंधित अभिलेखों की भी जांच कराने का अनुरोध किया गया है।ग्राम प्रधान ने यह भी आरोप लगाया है कि जनसहयोग से पूर्व में कराए गए पुराने निर्माण कार्यों पर प्लास्टर करने तथा उनकी ऊंचाई बढ़ाकर किए गए अतिरिक्त निर्माण की भी तकनीकी जांच आवश्यक है। उन्होंने संबंधित निर्माणों की संरचनात्मक मजबूती, गुणवत्ता और दीर्घकालिक टिकाऊपन का विशेषज्ञ तकनीकी टीम से स्थलीय परीक्षण कराने की मांग की है।सीता जायसवाल ने कहा कि यह शिकायत किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि ग्राम पंचायत मल्देवा के ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और क्षेत्र के जनमानस की मांग है। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी, तकनीकी मानकों की अनदेखी या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अधूरे कार्यों को मानकों के अनुरूप पूरा कराने तथा सरकारी धन के सदुपयोग को सुनिश्चित करने की मांग की है।
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