अतिक्रमण बना आस्था में बाधा टूट सकती है दुर्गा पूजा- दुर्गा पूजा पर ग्रहण,पूजा स्थल पर कब्जा,गांव की परम्परा खतरे में
सोनभद्र ।पन्नूगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पडरी कलां में पिछले 35 वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा की परम्परा इस वर्ष दुर्गा पूजा स्थल पर अतिक्रमण के कारण समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है।ग्रामीणों ने बताया कि 35 वर्ष पूर्व जब इस पूजा की शुरुआत हुई थी, तब आसपास के किसी गांव में दुर्गा पूजा नहीं होती थी
7:10 AM, Oct 3, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

_35 वर्षो से चली आरही परम्परा समाप्त होने की कगार पर,अवैध अतिक्रमण नही हटा तो ग्राम प्रधान ने दी अध्यक्ष पद छोड़ने की चेतावनी-ऐतिहासिक दुर्गा पूजा पर संकट_
सोनभद्र ।पन्नूगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पडरी कलां में पिछले 35 वर्षों से चली आ रही दुर्गा पूजा की परम्परा इस वर्ष दुर्गा पूजा स्थल पर अतिक्रमण के कारण समाप्त होने की कगार पर पहुंच गई है।ग्रामीणों ने बताया कि 35 वर्ष पूर्व जब इस पूजा की शुरुआत हुई थी, तब आसपास के किसी गांव में दुर्गा पूजा नहीं होती थी। पडरी कलां में ही सबसे पहले दुर्गा पूजा का शुभारंभ किया गया था। इसकी शुरुआत करने वाले कई बुजुर्ग अब इस दुनिया में नहीं हैं। यह आयोजन पूरे गांव के सहयोग से होता रहा है।इस वर्ष स्थिति यह है कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जाती है, वहां अवैध अतिक्रमण हो गया है। मूर्ति स्थापना के लिए जगह ही नहीं बची है।ग्राम प्रधान विजय कुमार ने स्पष्ट कहा है कि जब तक दुर्गा पूजा स्थल से अवैध अतिक्रमण पूरी तरह नहीं हटाया जाता, तब तक उनकी तरफ से पूजा में कोई योगदान नहीं दिया जाएगा और न ही वे दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रहेंगे। ग्राम प्रधान का अध्यक्ष बनना परम्परा रही है और उनकी मुख्य भूमिका रहती है। 35 वर्षों से चली आ रही आस्था की यह परम्परा टूटने से ग्रामीणों में दुख है। यदि गांव के लोग चाहते हैं कि परम्परा बनी रहे तो अतिक्रमण हटाकर सहयोग करना होगा। पूजा से जुड़े सुझाव और भागीदारी के लिए गांव के सक्षम लोगों से अपील की गई है।
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