शिकार के लिए बिछाए करंट वाले तार ने ली युवक की जान, तीन पर मुकदमा
सोनभद्र। जुगैल थाना क्षेत्र के चतरवार ग्राम पंचायत में रविवार देर रात करंट की चपेट में आने से 18 वर्षीय अर्जुन गुप्ता की मौत हो गई। आरोप है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए खेत में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से जीआई तार जोड़कर बिछाया गया था
8:56 PM, Oct 26, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Anil Kumar agrahari

करंट की चपेट में आने से 18 वर्षीय युवक की मौत, शिकार के लिए बिछाया गया था तारखेत में 11 हजार वोल्ट की लाइन से जोड़ा गया था जीआई तार, दो दिन पहले इसी तार से हुई थी जंगली सूअर की मौत; तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्जसोनभद्र। जुगैल थाना क्षेत्र के चतरवार ग्राम पंचायत में रविवार देर रात करंट की चपेट में आने से 18 वर्षीय अर्जुन गुप्ता की मौत हो गई। आरोप है कि जंगली जानवरों के शिकार के लिए खेत में 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन से जीआई तार जोड़कर बिछाया गया था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले इसी तार की चपेट में आने से एक जंगली सूअर की भी मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, मकरवानी टोला निवासी राजेश गुप्ता का पुत्र अर्जुन रविवार देर रात घर से करीब 100 मीटर दूर स्थित एक खाली खेत में शौच के लिए गया था। इसी दौरान वह खेत में बिछाए गए करंट प्रवाहित तार की चपेट में आ गया और उसमें उलझ गया। करंट लगने से उसकी हालत गंभीर हो गई।चीख सुनकर बाहर निकलीं पड़ोसनयुवक की चीख सुनकर पड़ोस में रहने वाली मुनिया टॉर्च लेकर बाहर निकलीं। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने अर्जुन को करंट प्रवाहित तार में लिपटा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। स्वजन आनन-फानन में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।अर्जुन दो भाइयों में बड़ा था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी आक्रोश है।एक किलोमीटर तक बिछाया गया था तारग्रामीणों के मुताबिक, जंगल से सटे खेत में करीब एक किलोमीटर तक जीआई तार बिछाकर उसे बिजली की लाइन से जोड़ा गया था। संबंधित खेत कमला और मनीजर के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरगवां से नेवारी तक जंगली सूअरों का शिकार करने के लिए इस तरह करंट प्रवाहित तार बिछाए जाते हैं।यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह घटना वन्यजीवों के शिकार के साथ-साथ लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा पैदा करने वाली है। खुले खेतों में इस तरह बिजली का करंट प्रवाहित करना जानलेवा साबित हो सकता है।वन और बिजली विभाग की भूमिका पर सवालघटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे खतरनाक तारों पर कार्रवाई की जाती, तो हादसों को रोका जा सकता था।फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले में तार बिछाने, उसे बिजली लाइन से जोड़ने और युवक की मौत के लिए जिम्मेदारी तय करने के संबंध में जांच की जा रही है।
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