सोनभद्र की 125 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक रामलीला का भव्य शुभारंभ, मुकुट पूजन के साथ शुरू हुआ मंचन
सोनभद्र। नगर में श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित 125 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक श्रीरामलीला का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। परंपरा के अनुसार नगर कोतवाल ब्रह्म बाबा एवं श्री बांके बिहारी के यहां पूजा-अर्चना करने के बाद मुकुट पूजन और वीर हनुमान जी के आह्वान के साथ रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया।
8:52 AM, Oct 9, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

नारद मोह लीला का हुआ मंचन, आज दिखाई जाएगी रावण जन्म और श्रीराम जन्म की लीलासोनभद्र। नगर में श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित 125 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक श्रीरामलीला का शुभारंभ विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुआ। परंपरा के अनुसार नगर कोतवाल ब्रह्म बाबा एवं श्री बांके बिहारी के यहां पूजा-अर्चना करने के बाद मुकुट पूजन और वीर हनुमान जी के आह्वान के साथ रामलीला मंचन का शुभारंभ किया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि आदर्श नगर पालिका सोनभद्र की अध्यक्ष श्रीमती रूबी प्रसाद, रामलीला समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह, अध्यक्ष पवन कुमार जैन एवं कोषाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से मुकुट पूजन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। शुभारंभ के अवसर पर आयोजित लीला में कलाकारों ने नारद मोह प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया, जिसे उपस्थित लोगों ने देखा।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. धर्मवीर तिवारी, प्रमोद कुमार गुप्ता, आनंद मिश्रा, भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा जी, श्री रासलीला समिति के संयोजक राम प्रसाद यादव, धर्मराज जैन, प्रशांत जैन, दीपक केशरवानी, कृष्ण मुरारी गुप्ता, बलराम सोनी सहित रामलीला समिति के सम्मानित सदस्य एवं आदर्श नगर पालिका के सभासद उपस्थित रहे।आज होगा रावण जन्म और श्रीराम जन्म का मंचनश्री रामलीला समिति की ओर से शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को रात्रि 7 बजे से रामलीला मंचन का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आदर्श रामलीला मंडल, पिपलेश्वर धाम के कुशल कलाकारों द्वारा रावण जन्म एवं श्रीराम जन्म की लीला का मंचन किया जाएगा।समिति ने सभी सम्मानित सदस्यों एवं नगरवासियों से समय पर पहुंचकर कार्यक्रम में सहभागिता करने की अपील की है। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि सदस्यों की उपस्थिति, सुझाव और सहयोग से आयोजन को सफल बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही, सदस्यों की सहभागिता से समिति के कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन होगा और उन्हें आगे भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नई ऊर्जा मिलेगी।
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