राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में एआई आधारित नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन पर पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ.
26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा प्रबंधन, स्मार्ट ग्रिड और मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञ देंगे जानकारी
sonebhadra
10:21 AM, Oct 27, 2026
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Edited By: U. Gupta , Reported By: संजय सिंह

26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित कार्यक्रम में ऊर्जा प्रबंधन, स्मार्ट ग्रिड और मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञ देंगे जानकारी
चुर्क सोनभद्र, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज सोनभद्र में सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को “स्मार्ट नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन में एआई के अनुप्रयोग” (AAI-SREM 2026) विषय पर पांच दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि ई. राजेश्वर प्रसाद, अधीक्षण अभियंता, ओबरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट, यूपीआरवीयूएनएल तथा विशिष्ट अतिथि ई. अखिलेश कश्यप, वरिष्ठ अनुसंधान विश्लेषक, अमेज़ॅन, बेंगलुरु ने किया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते महत्व तथा उद्योग और समाज पर इसके प्रभाव पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने ऊर्जा प्रबंधन को अधिक स्मार्ट, प्रभावी और विश्वसनीय बनाने में आधुनिक तकनीकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

संस्थान के निदेशक प्रो. के.एस. वर्मा ने आयोजन टीम और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों, उभरते इंजीनियरों, उद्योग जगत और समाज के लिए उपयोगी साबित होते हैं।
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कार्यक्रम के संयोजक एवं विद्युत अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष श्री राम ईश्वर वैस ने स्मार्ट नवीकरणीय ऊर्जा प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान अधिकतम ज्ञान और नए विचार अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुराग सेवक ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने ऊर्जा पूर्वानुमान, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन, माइक्रोग्रिड, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों तथा एआई आधारित फॉल्ट निदान और पूर्वानुमान आधारित रखरखाव (प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग की भूमिका को रेखांकित किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक्स डॉ. हिमांशु कटियार और इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष डॉ. डी.के. त्रिपाठी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में एआई की बढ़ती उपयोगिता और ऐसे शैक्षणिक आयोजनों के महत्व पर जोर दिया।
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तकनीकी सत्रों में ऊर्जा प्रबंधन और मशीन लर्निंग पर चर्चा
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कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में ओबरा थर्मल पावर प्लांट के ई. राजेश्वर प्रसाद ने एकीकृत ऊर्जा हब के व्यापक ढांचे और ऊर्जा प्रबंधन में एआई के अनुप्रयोगों पर विस्तार से चर्चा की। दूसरे तकनीकी सत्र में अमेज़ॅन, बेंगलुरु के ई. अखिलेश कश्यप ने मशीन लर्निंग के मूलभूत सिद्धांतों के साथ स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण और स्वायत्त ऊर्जा प्रबंधन में एआई ट्रांसफॉर्मर के उपयोग पर प्रकाश डाला।
उद्घाटन सत्र के अंत में कार्यक्रम समन्वयक एवं डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. पी.के. वर्मा ने अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम शिक्षकों और प्रतिभागियों के ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने के साथ संस्थान की अकादमिक गुणवत्ता और समग्र विकास को भी बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम में श्री दीपक, श्री सिकंदर, डॉ. मैनेजर यादव, डॉ. भावना अरोड़ा, डॉ. आशीष रंजन मिश्रा, डॉ. राखी यादव, श्री रवि प्रताप सिंह सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।






