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दहेज हत्या में पति समेत तीन को उम्रकैद

सोनभद्र। करीब आठ वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू, सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने बुधवार को पति समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

6:31 PM, Oct 7, 2026

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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

दहेज हत्या में पति समेत तीन को उम्रकैद
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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क


50 हजार रुपये की मांग पूरी न होने पर आसमा को जलाकर मारने का आरोप, प्रत्येक दोषी पर 15 हजार रुपये जुर्मानासोनभद्र। करीब आठ वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्ल्यू, सोनभद्र बिपिन कुमार तृतीय की अदालत ने बुधवार को पति समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन-तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मिर्जापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र के गोपलपुर गांव निवासी छोटक पुत्र हैदर अली ने चार नवंबर 2018 को करमा थाने में तहरीर देकर बताया था कि करीब तीन वर्ष पूर्व उसने अपनी बेटी आसमा की शादी सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के पगिया गांव निवासी अफरोज पुत्र मन्नान खां के साथ की थी।आरोप था कि शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से दहेज में 50 हजार रुपये की मांग की जा रही थी। मांग पूरी नहीं होने पर तीन नवंबर 2018 की रात आसमा को उसके पति अफरोज, सास साफिया और पति का जीजा नसीम, जो ससुराल में ही रहता था, ने मिलकर जला दिया। गंभीर रूप से झुलसी आसमा की जिला अस्पताल में मौत हो गई थी।घटना की जानकारी मिलने के बाद पिता ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर करमा पुलिस ने दहेज हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्क सुने। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत नौ गवाहों के बयान और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पति अफरोज, सास साफिया और जीजा नसीम को दोषी पाया। इसके बाद तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी अधिवक्ता सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने अदालत में पैरवी की।

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