सोनभद्र :₹2.37 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी मामले में भोपाल से 3 और गिरफ्तार, अब तक 8 आरोपी पकड़े गए
सोनभद्र। SATYA SANATAN TRUST के नाम से पंजीकृत बैंक खाते में करीब ₹2.37 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामले में सोनभद्र पुलिस ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हुंडई अमेज कार, चार मोबाइल फोन और ₹550 नकद बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है
3:31 PM, Oct 28, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

सोनभद्र। SATYA SANATAN TRUST के नाम से पंजीकृत बैंक खाते में करीब ₹2.37 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामले में सोनभद्र पुलिस ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से तीन और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक हुंडई अमेज कार, चार मोबाइल फोन और ₹550 नकद बरामद किए हैं। इस मामले में अब तक तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना दुद्धी पुलिस और सर्विलांस टीम ने यह कार्रवाई की। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल, क्षेत्राधिकारी साइबर हर्ष पाण्डेय तथा क्षेत्राधिकारी दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी कर रहे हैं।35 शिकायतों में ₹11.63 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला आया सामनेपुलिस के अनुसार, समन्वय (JMIS) पोर्टल के माध्यम से SATYA SANATAN TRUST के नाम से पंजीकृत बैंक खातों की जांच में साइबर फ्रॉड से संबंधित 35 शिकायतों में लगभग ₹11.63 करोड़ की धोखाधड़ी की जानकारी सामने आई। जांच में पता चला कि ट्रस्ट के संचालक ऋषिकेश पाण्डेय द्वारा ट्रस्ट के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर उसका खाता नंबर और एटीएम कार्ड मध्य प्रदेश के कुछ व्यक्तियों को उपलब्ध कराया गया था।आरोप है कि साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि ट्रस्ट के बैंक खातों में मंगाई जाती थी। एक खाते में करीब ₹2.37 करोड़ प्राप्त होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, इस धनराशि के एवज में ट्रस्ट के अध्यक्ष को 20 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था और शेष रकम आपस में बांट ली जाती थी।भोपाल में दबिश देकर तीन आरोपियों को पकड़ापुलिस के मुताबिक, मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम ने 25 अक्टूबर 2026 को भोपाल के थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में सी-सेक्टर तिराहे पर यादव टी-स्टाल के पास रात करीब 8:05 बजे दबिश दी। इस दौरान तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर सोनभद्र लाया गया और विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद 28 अक्टूबर को न्यायालय में पेश करने के लिए रवाना किया गया।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जय कुमार पाण्डेय, राजेश पोद्दार और बब्बू प्रसाद प्रजापति के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हुंडई अमेज कार, घटना में प्रयुक्त चार मोबाइल फोन और तलाशी के दौरान ₹550 नकद बरामद किए।पहले पांच आरोपी भी हो चुके हैं गिरफ्तारइस मामले में पुलिस ने इससे पहले दो कार्रवाइयों में पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था।पहली कार्रवाई (25 अक्टूबर): दुद्धी रेलवे स्टेशन परिसर रोड से मुख्य आरोपी हरिकेश पाण्डेय उर्फ ऋषिकेश सहित अंजनी कुमार और वेदान्त मौर्या को गिरफ्तार किया गया था।दूसरी कार्रवाई (26 अक्टूबर): म्योरपुर थाना क्षेत्र के रनटोला तिराहे से प्रवेश राज सिंह और जोनसीन क्रिशायान उर्फ राजेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे।अन्य संस्थाओं के बैंक खातों की भी जांचपुलिस की जांच में धर्मोदय फाउंडेशन, चुर्क; बलसा कन्स्ट्रक्शन एंड ट्रेडिंग LLP, किरबिल-म्योरपुर; भूमित्रम इंडिया माइक्रो फाउंडेशन तथा राष्ट्रीय स्वराज फाउंडेशन से संबंधित बैंक खातों में भी संदिग्ध लेन-देन सामने आने की बात कही गई है। इन संस्थाओं से जुड़े लेन-देन की जांच के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।इस संबंध में थाना दुद्धी में मुकदमा अपराध संख्या 281/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 336(3), 338, 340(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी में मुकदमा दर्ज है।गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीमकार्रवाई में थाना दुद्धी के प्रभारी निरीक्षक विश्वनाथ प्रताप सिंह, थाना रायपुर के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार चौरसिया, दुद्धी के निरीक्षक अपराध अंगद प्रसाद तिवारी, सर्विलांस/SOG टीम के हेड कांस्टेबल लालजी यादव, कांस्टेबल राहुल बिन्द और कांस्टेबल अजीत कुमार शामिल रहे।
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