Sonbhadra News: आरसेटी में 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण संपन्न, प्रशिक्षार्थियों को मिले प्रमाण-पत्र
सोनभद्र। इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में गुरुवार को 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
8:09 PM, Oct 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में गुरुवार को 35 दिवसीय ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कौशल आधारित प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।कार्यक्रम में अपर जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह और सहायक पर्यटन अधिकारी राजेश कुमार ने प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर अपर जिला सूचना अधिकारी विनय सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल का उपयोग कर युवा अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि वे अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे।व्यावहारिक प्रशिक्षण से बढ़ेगा स्वरोजगार का अवसर35 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को ब्यूटी पार्लर से संबंधित विभिन्न व्यावहारिक एवं व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य उन्हें इस क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक जानकारी और हुनर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रशिक्षार्थी ब्यूटी पार्लर खोलकर अपनी आजीविका का साधन विकसित कर सकते हैं।ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्यइंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है।प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षार्थियों को अपने कौशल का व्यावहारिक उपयोग करने, स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
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