Sonbhadra News: एएसपी मेविस टाक को लेकर भ्रामक पोस्ट पर पुलिस सख्त, सोशल मीडिया हैंडल की जांच शुरू
Sonbhadra News: एएसपी मेविस टाक को लेकर भ्रामक पोस्ट पर पुलिस सख्त, सोशल मीडिया हैंडल की जांच शुरू
7:35 PM, Oct 29, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

सोनभद्र। अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टाक को इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायिक कार्यवाही से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही भ्रामक पोस्टों का सोनभद्र पुलिस ने खंडन किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट में हुई कार्यवाही से एएसपी मेविस टाक का कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद उनकी तस्वीर साझा कर उन्हें मामले से जोड़ने की कोशिश की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणियों और उन्हें प्रसारित करने वाले हैंडल की जांच शुरू कर दी है।
एसपी की उपस्थिति निर्धारित, एएसपी का मामले से संबंध नहीं
सोनभद्र पुलिस के मुताबिक, 28 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायालय कक्ष संख्या 49 में हुई न्यायिक कार्यवाही के सिलसिले में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र की व्यक्तिगत उपस्थिति निर्धारित थी। अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण एसपी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सके। पुलिस ने स्पष्ट किया कि उक्त प्रकरण में अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टाक की व्यक्तिगत उपस्थिति निर्धारित नहीं थी और न ही उनका इस मामले से कोई संबंध है।इसके बावजूद कुछ सोशल मीडिया हैंडल से एएसपी की तस्वीर साझा कर उन्हें न्यायिक कार्यवाही से जोड़ते हुए तथ्यहीन और भ्रामक पोस्ट प्रसारित की गईं। इन पोस्टों पर की गई कुछ टिप्पणियों में उनके प्रति अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
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डिजिटल साक्ष्यों की जांच, पहचान के बाद होगी कार्रवाई
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एसपी अभिषेक वर्मा के अनुसार, पुलिस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्टों का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। संबंधित हैंडल और उपयोगकर्ताओं की पहचान की जा रही है। साथ ही उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण भी किया जा रहा है।पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
इस मामले में पुलिस के स्पष्टीकरण के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों की सत्यता की पुष्टि किए बिना उन्हें साझा करने से बचना जरूरी है। भ्रामक जानकारी और आपत्तिजनक टिप्पणियों के संबंध में पुलिस की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






