मेडिकल कॉलेज की दुर्व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर धरने पर बैठे छात्र, प्रशासन ने की समझाने की कोशिश
सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और कॉलेज के नियम-कायदों को लेकर शुक्रवार को छात्र धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संस्थान में निर्धारित नियमों का पालन करना छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
9:18 PM, Oct 23, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Sanjay singh

चुर्क, सोनभद्र। मेडिकल कॉलेज में व्याप्त कथित अव्यवस्थाओं और कॉलेज के नियम-कायदों को लेकर शुक्रवार को छात्र धरने पर बैठ गए। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में उन्हें आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि संस्थान में निर्धारित नियमों का पालन करना छात्रों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।छात्रों को समझाने और मामले को शांत कराने के लिए चुर्क चौकी प्रभारी धर्म नारायण भार्गव तथा राबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा को बताया नियमों का आधारमेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आई. जेन भट्टाचार्य ने कहा कि मेडिकल कॉलेज एक शैक्षणिक परिसर है, जहां विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों और अनुशासन का पालन करना होगा। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की है और इसी को ध्यान में रखते हुए नियम बनाए गए हैं।प्राचार्य के अनुसार, विद्यार्थियों को बाहर जाने के लिए बस की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने निजी बाइक के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध होने की बात कही। उनका कहना है कि यदि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी है, तो वे अपनी शिकायत लिखित रूप में कॉलेज प्रशासन को दे सकते हैं, ताकि उस पर विचार किया जा सके।छात्रों ने सुविधाओं की कमी का उठाया मुद्दादूसरी ओर, धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि उन्हें कॉलेज परिसर में अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। छात्रों ने कॉलेज की व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।फिलहाल, छात्रों और कॉलेज प्रशासन के बीच विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत का प्रयास किया जा रहा है। अब देखना होगा कि छात्रों की मांगों और कॉलेज प्रशासन के पक्ष के बीच सहमति बन पाती है या नहीं।नोट: छात्रों की प्रमुख मांगों, धरने में शामिल विद्यार्थियों की संख्या और कॉलेज प्रशासन की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को और विस्तृत किया जा सकता है।
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