क्लेचर निगलने से तीन माह के मासूम की हालत बिगड़ी, अस्पताल ले जाते समय निकला
म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के रासपहरी गांव में सोमवार सुबह खेलते समय तीन माह के मासूम ने बालों में लगाने वाला क्लेचर निगल लिया। क्लेचर गले में फंस जाने से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वह बेहोश हो गया। बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजनों में हड़कंप मच गया।
8:28 PM, Oct 5, 2026
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Edited By: Shaktipal , Reported By: Son prabhat live

तीन माह के मासूम ने निगला क्लेचर, गले में फंसने से हालत बिगड़ी
सीएचसी में नहीं निकल सका क्लेचर, जिला अस्पताल रेफर करने के दौरान अपने आप निकला;परिजनों ने ली राहत की सांस
म्योरपुर (सोनभद्र)। थाना क्षेत्र के रासपहरी गांव में सोमवार सुबह खेलते समय तीन माह के मासूम ने बालों में लगाने वाला क्लेचर निगल लिया। क्लेचर गले में फंस जाने से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और वह बेहोश हो गया। बच्चे की हालत बिगड़ती देख परिजनों में हड़कंप मच गया।परिजन आनन-फानन में बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) म्योरपुर लेकर पहुंचे। वहां तैनात चिकित्सक डा. पल्लवी सिन्हा ने गले में फंसे क्लेचर को निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
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बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।परिजन एंबुलेंस से बच्चे को जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान गले में फंसा क्लेचर अचानक अपने आप निकल गया। इसके बाद परिजन बच्चे को दोबारा सीएचसी म्योरपुर लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। क्लेचर निकलने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।छोटे बच्चों को लेकर बरतें विशेष सावधानीघटना ने छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है।
चिकित्सकों के अनुसार, छोटे बच्चे आसपास पड़ी छोटी वस्तुओं को अक्सर अनजाने में मुंह में डाल लेते हैं, जिससे उनके गले में फंसने या निगलने का खतरा रहता है। ऐसे में अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की पहुंच से छोटे और खतरनाक सामानों को दूर रखें और खेलते समय उनकी निगरानी करें।






