म्योरपुर (सोनभद्र)स्थानीय थाना क्षेत्र के आरंगपानी गांव स्थित झाराईल टोला में रविवार सुबह उस समय कोहराम मच गया, जब कानपुर में मजदूरी करने गए 45 वर्षीय अशर्फीलाल पुत्र जय सिंह का शव गांव पहुंचा। परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर एंबुलेंस को करीब सात घंटे तक रोके रखा और शव नहीं उतारने दिया। पूर्व प्रधान ब्रह्देव के अनुसार, अशर्फीलाल लगभग छह माह पूर्व लीलासी के एक ठेकेदार के माध्यम से कानपुर में पाइपलाइन बिछाने के कार्य पर गया था। मकर संक्रांति पर वह घर आया था और तीन दिन बाद दोबारा काम पर लौट गया। शुक्रवार देर शाम कार्यस्थल पर ट्रैक्टर पर बैठे अशर्फीलाल ने वाहन स्टार्ट कर दिया, जिससे वह असंतुलित होकर नीचे गिर पड़ा और ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल अवस्था में अन्य श्रमिकों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कानपुर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। आरोप है कि शव लेकर गांव लौट रहा ठेकेदार चोपन में उतरकर फरार हो गया और उसका मोबाइल फोन भी बंद हो गया। रविवार सुबह जैसे ही शव आरंगपानी पहुंचा, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मौके पर ब्लॉक प्रमुख मान सिंह गोंड, सपा नेता नीरेंद्र प्रताप सिंह गोंड सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। परिजनों ने मृतक के बच्चों के भरण-पोषण के लिए उचित मुआवजे की मांग करते हुए एंबुलेंस से शव उतारने से इनकार कर दिया। करीब सात घंटे तक चले गतिरोध के बाद ठेकेदार को बुलाकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। ठेकेदार ने तीन लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। चौकी इंचार्ज मनोज सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में आपसी सहमति बन गई है और पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई है।
Mukesh (aka Shaktipal) is a journalist with 10 years of experience in Sonbhadra, known for his ground-level reporting and strong focus on local public issues.

















