April 3, 2025 10:22 AM

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संपादकीय : सोनभद्र के डॉ. लखन राम ‘जंगली’ को बीएचयू के राष्ट्रीय संगोष्ठी में अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रण।

डॉ. लखन राम 'जंगली' की वनवासी बोली की कविताओं ने अमिट छाप छोड़ी हैं।
डॉ. लखन राम जंगली

संपादकीय – आशीष गुप्ता / सोन प्रभात न्यूज 

वाराणसी/सोनभद्र। सोनभद्र जनपद के वरिष्ठ कवि एवं लोकभाषा के विद्वान डॉ. लखन राम ‘जंगली’ को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इतिहास विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर अतिथि वक्ता आमंत्रित किया गया है। यह संगोष्ठी 28 और 29 मार्च 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसका मुख्य विषय उलगुलान से आधुनिक भारत तक : बिरसा मुंडा की भावना का उत्सव’ है।

फाइल फोटो : डॉ. लखन राम जंगली

बीएचयू के इतिहास विभाग की ओर से प्रो. डॉ. अनुराधा सिंह एवं विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. घनश्याम द्वारा भेजे गए आमंत्रण पत्र में डॉ. लखन राम ‘जंगली’ को 28 मार्च 2025 को दोपहर 3:00 बजे होने वाले सत्र में अपना संबोधन देने के लिए आमंत्रित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि उनके विद्वतापूर्ण विचार एवं समाज में दिए गए योगदान इस संगोष्ठी को एक नई दिशा देंगे।

लोकभाषा एवं साहित्य में डॉ. लखन राम ‘जंगली’ का योगदान

डॉ. लखन राम ‘जंगली’ सोनभद्र जनपद के प्रतिष्ठित साहित्यकार हैं, जो अपनी कविताओं एवं लोकभाषा के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उनकी साहित्यिक साधना का एक अलग ही महत्व है, जिसमें उन्होंने समाज के सजीव स्वरूप और उसकी मौलिकताओं को अपनी वनवासी बोली में प्रस्तुत किया है। वे वनवासी भाषा के अद्वितीय कवि माने जाते हैं, जिन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त रूप दिया है।

भानु प्रताप शाही को अपनी पुस्तक भेंट करते डॉ. जंगली

उनकी रचनाएँ केवल साहित्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक चेतना को जागृत करने का भी कार्य करती हैं। उन्होंने आदिवासी और वंचित समाज की वास्तविकताओं को अपनी कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया है, जिससे वे समाज के सभी वर्गों में लोकप्रिय हैं।

सम्मान और उपलब्धियाँ

डॉ. लखन राम ‘जंगली’ को उनके साहित्यिक योगदान के लिए कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने आदिवासी समाज और लोकभाषा के संवर्धन के लिए निरंतर कार्य किया है। उनका बीएचयू के इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संगोष्ठी में आमंत्रित किया जाना न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे सोनभद्र जनपद के लिए गर्व का विषय है।

राष्ट्रीय संगोष्ठी में उनका संबोधन

इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. लखन राम ‘जंगली’ अपने विचारों को साझा करेंगे और बिरसा मुंडा की क्रांतिकारी चेतना और उसके आधुनिक भारत पर प्रभाव पर प्रकाश डालेंगे। उनके संबोधन से छात्रों, शोधकर्ताओं एवं अन्य विद्वानों को प्रेरणा मिलेगी।

उनकी इस उपलब्धि पर सोनभद्र के साहित्यिक एवं बौद्धिक जगत में हर्ष की लहर है। यह कार्यक्रम न केवल एक अकादमिक संगोष्ठी होगी, बल्कि समाज और साहित्य के मध्य गहरे संवाद को भी बल प्रदान करेगा।

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