Sonbhadra News | Sonprabhat | Sanjay Singh
सोनभद्र। आपराधिक मामलों की विवेचना में साक्ष्यों का संग्रहण और सुरक्षित रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। भारतीय न्याय प्रक्रिया में बदलाव के तहत अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2024 लागू होने के बाद गिरफ्तारी, तलाशी और सीज कार्यवाही की वीडियोग्राफी अनिवार्य कर दी गई है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) द्वारा विकसित ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित करेगी।
साक्ष्य संग्रहण के नए नियम और ‘ई-साक्ष्य ऐप’ का महत्व
अब तक पुलिस पेन ड्राइव, सीडी और डीवीडी के माध्यम से साक्ष्य कोर्ट में पेश करती थी, लेकिन अब इसे डिजिटल रूप से संग्रहीत और प्रस्तुत करने की अनिवार्यता आ गई है। विशेष रूप से, सात वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले गंभीर अपराधों में फॉरेंसिक जांच भी आवश्यक कर दी गई है।

विवेचकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार, मिर्जापुर में सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही जिलों के 96 चयनित विवेचकों को एएसपी कालू सिंह ने ई-साक्ष्य ऐप के प्रयोग और डिजिटल साक्ष्य संरक्षित करने के तकनीकी पहलुओं पर विशेष प्रशिक्षण दिया।
हार्ड कॉपी की जरूरत होगी खत्म, डिजिटल साक्ष्य होंगे संरक्षित
एएसपी कालू सिंह ने बताया कि –
“अब विवेचक ई-साक्ष्य ऐप पर साक्ष्य सुरक्षित कर सकेंगे। आपराधिक मामलों में अब वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। घटनास्थल की स्थिति, मौके से बरामद सामग्री और अन्य साक्ष्यों की डिजिटल फाइलें इस ऐप पर सुरक्षित रहेंगी।”
- हर विवेचक को ऑनलाइन आईडी दी जाएगी।
- मुकदमा संख्या दर्ज कर डिजिटल साक्ष्य अपलोड करने की सुविधा मिलेगी।
- एफएसएल (Forensic Science Laboratory) को भी सीधे जोड़ा जाएगा।
- यदि हार्ड कॉपी खराब हो जाती है या उपलब्ध नहीं होती, तो डिजिटल साक्ष्य मोबाइल पर देखे जा सकेंगे।
- ई-साक्ष्य ऐप से विवेचना और न्यायालय में सुनवाई के दौरान पुलिस को लाभ मिलेगा।
वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी का भी मिलेगा प्रशिक्षण
पुलिस अधिकारियों को यह भी बताया गया कि घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्रित करते समय कौन-कौन सी तस्वीरें और वीडियो महत्वपूर्ण होती हैं।
- अनावश्यक फोटो और वीडियो अपलोड करने से बचने के निर्देश दिए गए।
- घटनास्थल की स्थिति को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड करने की तकनीक सिखाई गई।
नए कानून के अनुरूप डिजिटल विवेचना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
नए कानूनों के अनुसार, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण को अनिवार्य कर दिया गया है। इस बदलाव के तहत ई-साक्ष्य ऐप पुलिस के लिए एक उपयोगी तकनीकी उपकरण साबित होगा, जिससे जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और प्रमाणिक बनाया जा सकेगा।

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