Sonbhadra News | Sonbhadra | Vinod Gupta
बीजपुर,सोनभद्र । ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर स्थिति बदतर होती जा रही है। पिपरी पावर हाउस से कुंडाडीह, नधिरा, बभनी और बीजपुर उपकेंद्र तक आने वाली 33 केवीए लाइन जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। इससे बिजली वितरण निगम के कर्मियों को आपूर्ति बनाए रखने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
बिजली आपूर्ति में बाधा, कर्मचारियों के लिए मुश्किलें
गर्मी के मौसम में पहले से ही बिजली संकट गहराता जा रहा है, लेकिन इस पर जर्जर उपकरण और भी बड़ी समस्या बन गए हैं। मामूली हवा, बूंदाबांदी या हल्की बारिश होते ही 33 केवीए की सप्लाई बार-बार फॉल्ट हो जाती है, जिससे 24 घंटे में करीब 7-8 घंटे बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
जब कभी 33 केवीए की लाइन किसी तरह सुचारू होती है, तब तक 11 केवीए और एलटी लाइन के तार गिरने लगते हैं। विभाग के पास स्टोर में जरूरी उपकरणों की भी कमी है, जिससे मरम्मत और रखरखाव का कार्य समय पर नहीं हो पा रहा है।
सरकारी निर्देशों की उड़ रही धज्जियां
राज्य सरकार के 18 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देशों का ग्रामीण इलाकों में कोई असर नहीं दिख रहा है। जर्जर उपकरणों की बदहाली के कारण गांवों में लगातार बिजली संकट बना हुआ है। बताया जाता है कि बिजली बिल की वसूली तो निगम द्वारा पूरे सख्ती से की जाती है। गली-मुहल्लों, चौपालों और गांवों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं से बिल भरवाया जाता है, लेकिन बिजली व्यवस्था सुधारने के नाम पर निगम कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।

20 साल पुराने पोल और तारों से जुड़ी समस्या
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में बीस साल पहले लगाए गए अधिकांश पोल अब जर्जर होकर टूट चुके हैं। कई जगहों से ये पूरी तरह गायब हो गए हैं। तार और अन्य उपकरण खराब हो चुके हैं। पोल की कमी के कारण 11 केवीए और एलटी लाइन के तार झूलते हुए पेड़ों, बांस और लकड़ियों के सहारे टिकाए जा रहे हैं। लाइनमैन किसी तरह अस्थायी समाधान कर बिजली आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह बड़ा खतरा भी साबित हो सकता है।
किसी बड़े हादसे की आशंका
झूलते हुए तार और गिरे हुए पोल कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश बेकार
इस समस्या को लेकर जब एक्सईएन पिपरी दिलीप कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन पूरे दिन बिजी रहा, जिससे कोई जवाब नहीं मिल सका।
ग्रामीणों की मांग – जल्द हो सुधार कार्य
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द नए उपकरण और पोल लगाकर बिजली आपूर्ति को दुरुस्त किया जाए, ताकि गांवों में भी निर्बाध रूप से बिजली मिल सके और हादसों की आशंका को टाला जा सके। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो जनता को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।

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