April 4, 2025 11:34 PM

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Sonbhadra News : रेणुकूट में आर्य समाज के 54वें वार्षिकोत्सव का भव्य आयोजन

Sonbhadra News | Sonprabhat | U. Gupta

रेणुकूट, सोनभद्र | आर्य समाज के 54वें वार्षिकोत्सव का शुभारंभ महर्षि दयानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रेणुकूट के प्रांगण में वैदिक रीति-रिवाज, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन के साथ हुआ। यह दो दिवसीय समारोह धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक भावनाओं से परिपूर्ण रहा, जिसमें देशभर के विभिन्न जनपदों से आए विद्वानों ने वेदों के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला।

महायज्ञ एवं प्रवचनों से हुई शुरुआत

समारोह के प्रथम सत्र में महायज्ञ एवं झंडारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके उपरांत आर्य समाज के विद्वानों ने प्रवचन एवं भजन के माध्यम से वेदों के महत्व एवं जीवन सिद्धांतों पर विस्तार से चर्चा की। विद्वानों ने कहा कि वेद न केवल ज्ञान का स्रोत हैं, बल्कि समाज को सही दिशा प्रदान करने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।

वेदों की ओर लौटने का संदेश

गुरुकुल सिराथू, प्रयागराज से पधारे विद्वान डॉ. अशर्फी लाल शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा,
“वेदों की ओर लौटकर ही संपूर्ण मानव जाति का कल्याण संभव है। हमें अपने जीवन में यज्ञ, दान और तप का पालन करना चाहिए, क्योंकि यही आर्य समाज का मूल मंत्र है। इन सिद्धांतों का अनुसरण करने से एक साधारण मनुष्य भी पवित्रता प्राप्त कर सकता है।”

भजन-कीर्तन एवं वेदों के महत्व पर विशेष व्याख्यान

समारोह के दौरान मिर्जापुर से आए भजनोपदेशक जीवन सिंह और मधु आर्या, मैनपुरी से पधारे पंडित राजेश कुमार आर्य सहित अन्य विद्वानों ने वेदों को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि,
“वेदों के माध्यम से ही सत्य की पहचान हो सकती है। हमारे पुण्य और पाप का निर्धारण हमारे कर्मों के आधा पर होता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को वेदों का अध्ययन कर उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए, ताकि एक आदर्श मानवतावादी जीवन की स्थापना हो सके।”

सकारात्मक संदेश एवं प्रेरणा

समारोह के दौरान आर्य समाज के नियमों एवं सिद्धांतों पर चलने के लिए सभी उपस्थितजनों को प्रेरित किया गया। विद्वानों ने कहा कि वेदों का अनुसरण करने से व्यक्ति आत्मिक और सामाजिक दोनों रूप से उन्नति कर सकता है।

शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन

कार्यक्रम के प्रथम दिवस का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। इस अवसर पर खिरधरलाल, महेंद्र नाथ आर्य, अवकाश बाबू दयाराम सिंह, विनोद कुमार आर्य, दिग्विजय सिंह, रमेश कुमार सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उत्साहवर्धक मंच संचालन

समारोह का संपूर्ण मंच संचालन रमेश कुमार सिंह ने अत्यंत उत्साह और मनोयोग के साथ किया। उन्होंने भी अपने संबोधन में वेदों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया और सभी को आर्य समाज के सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित किया।

इस भव्य आयोजन ने न केवल वेदों के महत्व को उजागर किया, बल्कि समाज में वैदिक संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना को भी सुदृढ़ किया।

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