April 4, 2025 11:58 PM

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Sonbhadra News : वार्षिक परीक्षा के दौरान प्राथमिक विद्यालय से टीचर गायब, बच्चे अकेले देते रहे परीक्षा

Sonbhadra News |Sonprabhat |Vinod Gupta

बीजपुर, सोनभद्र । शिक्षा क्षेत्र म्योरपुर के ग्राम सभा राजमिलान टोला बिछियारी स्थित प्राथमिक विद्यालय में गुरुवार को उस समय गंभीर लापरवाही उजागर हुई जब वार्षिक परीक्षा के दौरान विद्यालय में कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। परीक्षा देने के लिए बच्चे कक्षा में अकेले बैठे नजर आए, जिससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्राम प्रधान ने की शिकायत, शिक्षा व्यवस्था चौपट होने का आरोप

विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान राजमिलान बद्रीनाथ ने खंड शिक्षा अधिकारी से फोन पर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि म्योरपुर ब्लॉक क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। वार्षिक परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में विद्यालय में तैनात दो महिला शिक्षकों में से एक भी उपस्थित न होना विभाग की गैर-जिम्मेदारी को दर्शाता है।

बच्चों के भविष्य से खिलवाड़

गाँव के कई अभिभावकों ने बताया कि शिक्षकों की अनुशासनहीनता और लापरवाही के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय में नियुक्त दोनों महिला शिक्षक महीने में कभी-कभी ही आती हैं, बाकी समय वे सीसीएल (चाइल्ड केयर लीव), मेडिकल या मातृत्व अवकाश के बहाने अनुपस्थित रहती हैं।

खंड शिक्षा अधिकारी ने दिया आश्वासन

जब इस मामले को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी विश्वजीत कुमार से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि एक शिक्षक प्रियंका अग्रहरि विद्यालय आई थीं, जबकि दूसरी शिक्षिका सीसीएल अवकाश पर थीं। हालाँकि, ग्राम प्रधान का कहना है कि जब वे विद्यालय पहुंचे, तो वहाँ केवल बच्चे ही नजर आए और कोई शिक्षक उपस्थित नहीं था

अभिभावकों ने की कार्रवाई की माँग

ग्राम प्रधान बद्रीनाथ और स्थानीय अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से माँग की है कि विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाह शिक्षकों पर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चों का भविष्य दाँव पर

विद्यालयों में शिक्षकों की अनुपस्थिति से साफ है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा बच्चों के भविष्य पर पड़ रहा है। ऐसे में प्रशासन को इस मामले में जल्द और कड़ी कार्रवाई करनी होगी, ताकि बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो और शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएँ।

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