Sonbhadra News : सीएचसी से गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले गया बिचौलिया, ऑपरेशन के नाम पर 50 हजार की वसूली.

म्योरपुर सीएचसी से रेफर गर्भवती महिला को बिचौलिया निजी अस्पताल ले गया, ऑपरेशन के नाम पर 50 हजार की वसूली। जांच शुरू। Sonbhadra News, Son Prabhat News

म्योरपुर/सोनभद्र | Prashant Dubey-  सोन प्रभात न्यूज़

म्योरपुर क्षेत्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने और गरीब मरीजों के शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से रेफर की गई एक गर्भवती महिला को जिला अस्पताल ले जाने के बजाय बिचौलिया/झोलाछाप डॉक्टर बहला-फुसलाकर राबर्ट्सगंज स्थित एक निजी अस्पताल ले गया, जहां ऑपरेशन कराकर 40 से 60 हजार रुपये तक का भारी-भरकम बिल थमा दिया गया।

रेफर के बाद बदला गया रास्ता

पीड़ित महिला के पति जयराम (निवासी—बराईडॉड, ग्राम पंचायत पड़री) ने बताया कि वह अपनी गर्भवती पत्नी पूजा को इलाज के लिए सीएचसी म्योरपुर लेकर पहुंचे थे। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
रेफर के बाद जब वे एंबुलेंस से जिला अस्पताल जा रहे थे, तभी रास्ते में एक झोलाछाप डॉक्टर ने मदद का भरोसा दिलाकर अपनी निजी गाड़ी में बैठा लिया। उसने गांव की एक अन्य रेफर महिला को भी साथ बैठा लिया, लेकिन दोनों को जिला अस्पताल की जगह निजी अस्पताल पहुंचा दिया

डर और झूठे आश्वासन से ठगी

आरोप है कि निजी अस्पताल में परिजनों को पूरी जानकारी दिए बिना ऑपरेशन कर दिया गया। बाद में 50–60 हजार रुपये का बिल थमा दिया गया। पीड़ित का कहना है कि झोलाछाप ने रास्ते में यह कहकर गुमराह किया कि निजी अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी ज्यादा सुरक्षित और सस्ती होती है। भावनात्मक दबाव में आकर परिजन उसकी बातों में फंस गए।

सीएचसी के आसपास सक्रिय है नेटवर्क

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी के आसपास कई बिचौलिए सक्रिय रहते हैं, जो रेफर होकर आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को डराकर निजी अस्पतालों की ओर मोड़ देते हैं। चर्चा है कि कुछ आशा कार्यकर्ताओं की संलिप्तता भी हो सकती है, जिसकी जांच की मांग उठ रही है।

कार्रवाई का आश्वासन

मामले में सीएचसी अधीक्षक डॉ. पी.एन. सिंह ने बताया कि शिकायत लिखित रूप में प्राप्त हो चुकी है और उसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि म्योरपुर क्षेत्र में बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे निजी अस्पतालों को सीज कराया जाएगा और आरोपी झोलाछाप व नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में स्वास्थ्य तंत्र

यह प्रकरण सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास सक्रिय अवैध दलालों और निजी अस्पतालों की मिलीभगत पर गंभीर सवाल खड़े करता है, जो मजबूर मरीजों को निशाना बनाकर मुनाफा कमा रहे हैं।

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