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70 साल पुरानी ग्रामीण सड़क पर जोताई कर बोई अरहर-तिल, ग्रामीणों में आक्रोश; अतिक्रमण हटाने की मांग

ग्रामीणों के अनुसार, 14 जुलाई को गांव निवासी हरदेव पुत्र देवीदयाल, विगन पुत्र त्रिवेणी तथा ट्रैक्टर चालक रामनारायण पुत्र रामलखन ने खेत की जुताई के दौरान सड़क के हिस्से को भी जोतकर उस पर अरहर और तिल की बुवाई कर दी।

sonbhadra

2:26 PM, Jul 15, 2026

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Edited By: Ashish Gupta , Reported By: Ashish Gupta

70 साल पुरानी ग्रामीण सड़क पर जोताई कर बोई अरहर-तिल, ग्रामीणों में आक्रोश; अतिक्रमण हटाने की मांग

Photo : Sonprabhat News

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सोन प्रभात लाइव न्यूज़ डेस्क

सोनभद्र | बभनी थाना क्षेत्र के मचबंधवा गांव में वर्षों से ग्रामीणों के आवागमन के लिए उपयोग में लाई जा रही एक पुरानी सड़क पर कथित रूप से जोताई कर अरहर एवं तिल की बुवाई किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद गांव के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 70 वर्षों से उपयोग में रही इस सार्वजनिक मार्ग के एक हिस्से को खेत में मिलाकर जोत दिया गया, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

ग्रामीणों के अनुसार, 14 जुलाई को गांव निवासी हरदेव पुत्र देवीदयाल, विगन पुत्र त्रिवेणी तथा ट्रैक्टर चालक रामनारायण पुत्र रामलखन ने खेत की जुताई के दौरान सड़क के हिस्से को भी जोतकर उस पर अरहर और तिल की बुवाई कर दी।

विरोध करने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

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जब गांव के राजकुमार पुत्र रामजीत, मनोज कुमार पुत्र सीताराम एवं अमरीका प्रसाद पुत्र रामवृक्ष ने इसका विरोध किया और सड़क को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए जोताई रोकने की बात कही, तो आरोप है कि विवाद बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तत्काल डायल 112 पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और सड़क पर किए गए कथित अतिक्रमण की स्थिति यथावत बनी हुई है।

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ग्रामीणों ने की प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

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ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग कई दशकों से गांव के लोगों के आवागमन का प्रमुख रास्ता रहा है। यदि सड़क पर खेती कर दी जाएगी तो आने-जाने में भारी कठिनाई होगी और भविष्य में विवाद और बढ़ सकते हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सड़क की वास्तविक स्थिति का सीमांकन कराया जाए तथा यदि सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो उसे तत्काल हटाकर मार्ग को पूर्ववत बहाल किया जाए।

प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार

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फिलहाल मामले को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र हस्तक्षेप कर सार्वजनिक मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। संबंधित पक्ष एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

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